Biology Notes in Hindi for SSC
जीव विज्ञान अध्ययन नोट्स
साइटोलॉजी (Cytology)
कोशिका की परिभाषा और प्रकार
- कोशिका (Cell): जीवन की मूलभूत संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई, जिसमें स्वयं का प्रजनन करने की क्षमता होती है।
- प्रोकेरियोटिक कोशिका: सरल संरचना, केन्द्रक झिल्ली (nuclear membrane) अनुपस्थित, उदाहरण - बैक्टीरिया
- यूकेरियोटिक कोशिका: जटिल संरचना, वास्तविक केन्द्रक (nucleus) होता है, उदाहरण - पौधे और जंतु कोशिकाएँ
- कोशिका सिद्धांत (Cell Theory): श्लाइडेन और श्वान द्वारा प्रस्तुत, तीन मूल सिद्धांत: (1) सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं (2) कोशिका जीवन की मूल इकाई है (3) नई कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं
कोशिका संरचना
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane): लिपिड बाईलेयर से बनी, चयनात्मक पारगम्य (selectively permeable), पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है
- साइटोप्लाज्म (Cytoplasm): जेली जैसा पदार्थ जिसमें सभी कोशिकांग तैरते रहते हैं, कोशिकीय क्रियाओं का मुख्य स्थल
- केन्द्रक (Nucleus): कोशिका का नियंत्रण केंद्र, डीएनए (DNA) धारण करता है, न्यूक्लियोलस (nucleolus) द्वारा राइबोसोम का संश्लेषण
कोशिकांग (Cell Organelles)
- माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria): "पावरहाउस ऑफ सेल", ATP उत्पादन, स्वयं का DNA होता है, दोहरी झिल्ली संरचना
- राइबोसोम (Ribosome): प्रोटीन संश्लेषण का स्थल, RNA और प्रोटीन से बना, फ्री या ER से जुड़े हो सकते हैं
- एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER): दो प्रकार - खुरदरा ER (प्रोटीन संश्लेषण), चिकना ER (लिपिड संश्लेषण और विष निष्क्रियकरण)
- गॉल्गी बॉडी (Golgi Body): "पैकेजिंग सेंटर", प्रोटीन को संशोधित, पैक और वितरित करता है, लाइसोसोम (lysosome) का निर्माण
- लाइसोसोम (Lysosome): "आत्मघाती थैली", पाचक एंजाइम (digestive enzymes) युक्त, कोशिकीय पाचन और अपशिष्ट निपटान
कोशिका विभाजन
- माइटोसिस (Mitosis): समसूत्री विभाजन, दोहरीकृत गुणसूत्रों का समान वितरण, 4 चरण (पूर्वावस्था, मध्यावस्था, पश्चावस्था, अंतावस्था), कायिक कोशिकाओं में होता है
- मीयोसिस (Meiosis): अर्धसूत्री विभाजन, गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है, दो चरण (मीयोसिस I और II), युग्मक (gametes) निर्माण के लिए
- अंतर: माइटोसिस में 2 द्विगुणित (diploid) कोशिकाएँ बनती हैं, मीयोसिस में 4 अगुणित (haploid) कोशिकाएँ बनती हैं
महत्वपूर्ण तथ्य: माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट में स्वयं का DNA होता है (एंडोसिम्बायोटिक सिद्धांत)। लाइसोसोम की कमी से स्टोरेज डिजीज (जैसे टे-सैक्स) हो सकती है।
🌿 वनस्पति विज्ञान (Botany)
पौधों की कोशिका संरचना
- पादप कोशिका विशेषताएँ: कोशिका भित्ति (cell wall) (सेल्यूलोज से बनी), बड़ी रिक्तिका (vacuole), क्लोरोप्लास्ट (chloroplast) (प्रकाश संश्लेषण के लिए)
- कोशिका भित्ति: सेल्यूलोज, हेमिकेल्यूलोज और पेक्टिन से बनी, कोशिका को आकार और सहारा देती है, प्लाज्मोडेस्माटा (plasmodesmata) द्वारा कोशिकाएँ जुड़ी होती हैं
प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis)
- परिभाषा: हरे पौधों द्वारा सूर्य के प्रकाश में CO₂ और H₂O से ग्लूकोज का निर्माण, O₂ उपोत्पाद के रूप में निकलता है
- रासायनिक समीकरण: 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
- चरण: प्रकाश अभिक्रिया (थायलाकोइड में) और अप्रकाश अभिक्रिया (स्ट्रोमा में)
- प्रमुख वर्णक: क्लोरोफिल-ए (मुख्य), क्लोरोफिल-बी, कैरोटीनॉयड (सहायक वर्णक)
पौधों का प्रजनन
- अलैंगिक प्रजनन: एकल जनक, कोई युग्मक नहीं, उदाहरण - कायिक प्रवर्धन, बीजाणु निर्माण, खंडन
- लैंगिक प्रजनन: दो जनक, युग्मक संलयन, आनुवंशिक विविधता, फूलों में होता है (पुंकेसर और स्त्रीकेसर)
- परागण (Pollination): परागकणों का वर्तिकाग्र (stigma) तक स्थानांतरण, स्व-परागण और पर-परागण दो प्रकार
पौधों में परिवहन
- जाइलम (Xylem): जल और खनिजों का ऊपर की ओर परिवहन, मृत कोशिकाएँ, ट्रेकीड्स और वेसल्स से बना
- फ्लोएम (Phloem): भोजन का द्वि-दिशात्मक परिवहन, जीवित कोशिकाएँ, सीव ट्यूब और कंपेनियन सेल से बना
- वाष्पोत्सर्जन (Transpiration): पत्तियों से जलवाष्प का उत्सर्जन, जल के ऊपर खींचने में सहायक
पादप हार्मोन्स
- ऑक्सिन (Auxin): कोशिका दीर्धीकरण, फोटोट्रोपिज्म (प्रकाशानुवर्तन), एपिकल डोमिनेंस
- साइटोकाइनीन (Cytokinin): कोशिका विभाजन, पार्श्व कली विकास, पत्तियों का हरा रहना
- जिबरेलिन (Gibberellin): तने की लंबाई बढ़ाना, बीज अंकुरण, फल विकास
- एब्सिसिक एसिड (ABA): वृद्धि अवरोधक, सूखे में स्टोमेटा बंद करना, बीज सुप्तावस्था
- इथाइलीन (Ethylene): फल पकाना, पत्ती गिरना, फूल खिलना
पादप ऊतक
- मेरिस्टेमेटिक ऊतक (Meristematic): विभाजनशील कोशिकाएँ, वृद्धि के लिए, शीर्षस्थ (apical), पार्श्व (lateral) और अंतर्वेशी (intercalary)
- स्थायी ऊतक (Permanent): सरल (एक प्रकार की कोशिका) और जटिल (एक से अधिक प्रकार की कोशिका)
- जाइलम: ट्रेकीड्स, वेसल्स, जाइलम पैरेन्काइमा और फाइबर से बना
- फ्लोएम: सीव ट्यूब, कंपेनियन सेल, फ्लोएम पैरेन्काइमा और फाइबर से बना
महत्वपूर्ण तथ्य: C₄ पौधे (मक्का, गन्ना) में क्रांत्स एनाटॉमी होती है और वे उच्च तापमान पर अधिक कुशल होते हैं। CAM पौधे (केक्टस) रात में CO₂ लेते हैं।
🐾 प्राणी विज्ञान (Zoology)
पशु कोशिका की संरचना
- प्रमुख अंतर: कोशिका भित्ति अनुपस्थित, छोटी रिक्तिकाएँ, सेंट्रोसोम (centrosome) उपस्थित, लाइसोसोम अधिक
- सेंट्रोसोम: कोशिका विभाजन में सहायक, सेंट्रिओल (centriole) युक्त, माइक्रोट्यूब्यूल्स का संगठन केंद्र
प्रमुख पशु वर्गीकरण
- प्रोटोज़ोआ (Protozoa): एककोशिकीय, यूकेरियोटिक, उदा. अमीबा, पैरामीशियम
- पोरीफेरा (Porifera): स्पंज, छिद्रयुक्त शरीर, कोई ऊतक नहीं, उदा. साइकॉन
- नीडेरिया (Cnidaria): निडोसाइट (cnidocyte) युक्त, द्विस्तरीय, उदा. हाइड्रा, जेलीफिश
- एनीलिडा (Annelida): खंडित शरीर, उदा. केंचुआ, जोंक
- आर्थ्रोपोडा (Arthropoda): संधियुक्त पाद, काइटिन एक्सोस्केलेटन, उदा. तितली, मकड़ी
- कॉर्डेटा (Chordata): नोटोकॉर्ड (notochord), डोर्सल नर्व कॉर्ड, फेरिंजियल गिल स्लिट्स, उदा. मनुष्य, मछली
जंतु पोषण, श्वसन, उत्सर्जन
- पोषण प्रकार: स्वपोषी (autotrophs), परपोषी (heterotrophs) (शाकाहारी, मांसाहारी, सर्वाहारी, मृतजीवी)
- श्वसन: वायवीय (O₂ का उपयोग) और अवायवीय (O₂ के बिना), मानव में फेफड़े द्वारा
- उत्सर्जन: अमोनिया (मछली), यूरिया (मनुष्य), यूरिक एसिड (पक्षी) के रूप में नाइट्रोजन अपशिष्ट निकालना
तंत्रिका तंत्र और इंद्रियां
- तंत्रिका तंत्र: केंद्रीय (मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड) और परिधीय (कपालीय और रीढ़ की नसें)
- न्यूरॉन: तंत्रिका कोशिका, डेंड्राइट (संकेत प्राप्त), एक्सॉन (संकेत भेज), सिनेप्स (न्यूरॉन्स के बीच जंक्शन)
- इंद्रियां: आँख (दृष्टि), कान (श्रवण), नाक (घ्राण), जीभ (स्वाद), त्वचा (स्पर्श)
जंतु प्रजनन
- अलैंगिक: बाइनरी फिशन (अमीबा), बडिंग (हाइड्रा), रीजनरेशन (प्लेनेरिया)
- लैंगिक: युग्मक संलयन (शुक्राणु और अंडा), आंतरिक या बाह्य निषेचन
- मानव में: पुरुष प्रणाली (शुक्राणु उत्पादन), महिला प्रणाली (अंडा उत्पादन और भ्रूण विकास)
महत्वपूर्ण तथ्य: प्लेटिपस और इकिडना एकमात्र अंडे देने वाले स्तनधारी (मोनोट्रेम्स) हैं। ब्लू व्हेल सबसे बड़ा जानवर है। मच्छर सबसे अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार जानवर है।
👶 प्रजनन (Reproduction)
प्रजनन के प्रकार
- अलैंगिक प्रजनन: एकल जनक, आनुवंशिक रूप से समान संतति, तेज विधि, उदा. बाइनरी फिशन, बडिंग, स्पोरुलेशन
- लैंगिक प्रजनन: दो जनक, आनुवंशिक विविधता, युग्मक संलयन (निषेचन) द्वारा, अधिक ऊर्जा खर्च
मानव प्रजनन प्रणाली
- पुरुष प्रणाली: वृषण (शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन उत्पादन), शुक्रवाहिका, प्रोस्टेट ग्रंथि, लिंग
- महिला प्रणाली: अंडाशय (अंडा और एस्ट्रोजन/प्रोजेस्टेरोन उत्पादन), फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय, योनि
- मासिक धर्म चक्र: 28 दिन का, रजोनिवृत्ति (menopause) तक चलता है, अंडोत्सर्ग (ovulation) दिन 14 पर
गर्भधारण और भ्रूण विकास
- निषेचन: फैलोपियन ट्यूब में होता है, जाइगोट (zygote) बनता है, 46 गुणसूत्र
- भ्रूण विकास: जाइगोट → मोरुला → ब्लास्टोसिस्ट → गर्भाशय में इम्प्लांटेशन
- गर्भावस्था: 9 महीने (लगभग 40 सप्ताह), तीन ट्राइमेस्टर, प्लेसेंटा (placenta) द्वारा पोषण
- प्रसव: संकुचन, गर्भाशय ग्रीवा का फैलाव, शिशु का जन्म, प्लेसेंटा का निष्कासन
जीन और आनुवंशिकता
- जीन (Gene): DNA का वह खंड जो प्रोटीन कोड करता है, आनुवंशिकता की मूल इकाई
- मेंडल के नियम: प्रभुत्व का नियम, पृथक्करण का नियम, स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
- लिंग-संबंधी लक्षण: X और Y गुणसूत्रों पर स्थित जीन द्वारा नियंत्रित, उदा. हीमोफिलिया, कलर ब्लाइंडनेस
- DNA संरचना: डबल हेलिक्स, न्यूक्लियोटाइड (शर्करा, फॉस्फेट, नाइट्रोजन बेस) से बना, बेस पेयरिंग (A-T, C-G)
महत्वपूर्ण तथ्य: मानव में 23 जोड़े गुणसूत्र (46 कुल), जिनमें 1 जोड़ी लिंग गुणसूत्र (XX महिला, XY पुरुष)। ट्विन्स दो प्रकार के - समरूप (एक जाइगोट से) और विषमयुग्मज (दो जाइगोट से)।
🩸 रक्त (Blood)
रक्त की संरचना
- प्लाज्मा (55%): तरल भाग, 90% पानी, प्रोटीन (एल्बुमिन, ग्लोब्युलिन, फाइब्रिनोजन), हार्मोन, अपशिष्ट
- लाल रक्त कोशिकाएँ (RBCs): हीमोग्लोबिन युक्त, O₂ और CO₂ का परिवहन, केन्द्रक अनुपस्थित, जीवनकाल 120 दिन
- श्वेत रक्त कोशिकाएँ (WBCs): प्रतिरक्षा के लिए, केन्द्रक युक्त, 5 प्रकार (न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइट्स, मोनोसाइट्स, ईोसिनोफिल, बेसोफिल)
- प्लेटलेट्स (Platelets): रक्त स्कंदन (clotting) में सहायक, थ्रोम्बोपोएटिन द्वारा नियंत्रित
रक्त समूह (Blood Groups)
- ABO प्रणाली: A, B, AB और O प्रकार, RBC सतह पर एंटीजन (A/B) और प्लाज्मा में एंटीबॉडी (anti-A/anti-B) के आधार पर
- Rh प्रणाली: Rh+ (एंटीजन उपस्थित) और Rh- (एंटीजन अनुपस्थित), गर्भावस्था में Rh असंगति समस्या पैदा कर सकती है
- यूनिवर्सल डोनर: O नेगेटिव (सभी को दे सकता है), यूनिवर्सल रिसीवर: AB पॉजिटिव (सभी से ले सकता है)
हीमोग्लोबिन और कार्य
- हीमोग्लोबिन: ग्लोबिन प्रोटीन + हीम समूह (आयरन युक्त), RBCs में पाया जाता है
- कार्य: फेफड़ों में O₂ बांधना और ऊतकों में छोड़ना, CO₂ का कुछ भाग वापस ले जाना
- असामान्यताएँ: एनीमिया (कम Hb), थैलेसीमिया (ग्लोबिन संश्लेषण दोष), सिकल सेल एनीमिया (विकृत Hb)
रक्त परिसंचरण
- हृदय संरचना: 4 चैम्बर (2 अलिंद, 2 निलय), वाल्व (ट्राइकस्पिड, बाइकस्पिड, पल्मोनरी, एओर्टिक)
- रक्त परिसंचरण: पल्मोनरी (हृदय → फेफड़े → हृदय), सिस्टमिक (हृदय → शरीर → हृदय)
- रक्त वाहिकाएँ: धमनी (O₂ युक्त, हृदय से), शिरा (O₂ रहित, हृदय की ओर), केशिका (ऊतकों में विनिमय)
महत्वपूर्ण तथ्य: हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर: पुरुष 13-16 g/dL, महिला 12-15 g/dL। ABO रक्त समूह की खोज कार्ल लैंडस्टीनर ने की (1930 में नोबेल पुरस्कार)।
🧍 मानव शरीर प्रणाली (Human Body System)
पाचन तंत्र (Digestive System)
- मुख्य अंग: मुख → ग्रसनी → ग्रासनली → आमाशय → छोटी आंत (डुओडेनम, जेजुनम, इलियम) → बड़ी आंत → मलाशय
- सहायक अंग: लार ग्रंथि, यकृत (पित्त उत्पादन), पित्ताशय (पित्त भंडारण), अग्न्याशय (पाचक एंजाइम और हार्मोन)
- पाचक एंजाइम: एमाइलेज (कार्बोहाइड्रेट), पेप्सिन (प्रोटीन), लाइपेज (वसा), ट्रिप्सिन (प्रोटीन)
श्वसन तंत्र (Respiratory System)
- मुख्य अंग: नासिका → ग्रसनी → स्वरयंत्र → श्वासनली → ब्रांकाई → ब्रांकिओल्स → एल्वियोली (वायुकोष)
- श्वसन प्रक्रिया: बाह्य (फेफड़ों में O₂-CO₂ विनिमय), आंतरिक (ऊतकों में O₂-CO₂ विनिमय)
- श्वसन पेशी: डायाफ्राम (मुख्य), बाह्य अंतरcostal (छाती उठाने में)
परिसंचरण तंत्र (Circulatory System)
- हृदय चक्र: सिस्टोल (संकुचन) और डायस्टोल (शिथिलन), 72 बार/मिनट
- रक्तचाप: सामान्य 120/80 mmHg, हाइपरटेंशन (उच्च), हाइपोटेंशन (निम्न)
- लसीका तंत्र: अतिरिक्त तरल वापस लेना, प्रतिरक्षा में भूमिका, लसीका ग्रंथियाँ (lymph nodes) रोगाणु फिल्टर करती हैं
तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS): मस्तिष्क (सेरेब्रम, सेरेबेलम, मेडुला) और स्पाइनल कॉर्ड
- परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS): कपालीय और रीढ़ की नसें, सोमेटिक (ऐच्छिक) और ऑटोनोमिक (अनैच्छिक)
- ऑटोनोमिक तंत्रिका तंत्र: सिम्पेथेटिक (लड़ाई-उड़ाई) और पैरासिम्पेथेटिक (विश्राम)
उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)
- मुख्य अंग: गुर्दे (वृक्क) → मूत्रवाहिनी → मूत्राशय → मूत्रमार्ग
- नेफ्रॉन: गुर्दे की कार्यात्मक इकाई, ग्लोमेरुलस (फिल्टरेशन), ट्यूब्यूल (पुनःअवशोषण और स्रावण)
- उत्सर्जन उत्पाद: यूरिया (यकृत में अमोनिया से बनता है), क्रिएटिनिन, अतिरिक्त लवण और पानी
अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)
- हार्मोन: रासायनिक दूत, रक्त द्वारा लक्ष्य अंग तक पहुँचते हैं
- प्रमुख ग्रंथियाँ: पिट्यूटरी (मास्टर ग्रंथि), थायरॉयड (T3, T4, कैल्सीटोनिन), अग्न्याशय (इंसुलिन, ग्लूकागन), अधिवृक्क (एड्रेनलिन, कॉर्टिसोल)
- महत्वपूर्ण हार्मोन: वृद्धि हार्मोन, थायरॉक्सिन, इंसुलिन, टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन
कंकाल तंत्र और मांसपेशियाँ
- कंकाल तंत्र: 206 हड्डियाँ, अक्षीय (खोपड़ी, रीढ़, पसलियाँ) और उपांगीय (अंग)
- संधियाँ (Joints): अचल (खोपड़ी), अर्धचल (पसलियाँ), चल (घुटना, कोहनी)
- मांसपेशियाँ: ऐच्छिक (कंकाल), अनैच्छिक (चिकनी), हृदय (विशेष अनैच्छिक)
महत्वपूर्ण तथ्य: मानव मस्तिष्क का वजन लगभग 1.5 kg, इसमें 86 बिलियन न्यूरॉन्स होते हैं। छोटी आंत की लंबाई लगभग 6 मीटर, बड़ी आंत 1.5 मीटर। मानव शरीर में 600 से अधिक मांसपेशियाँ होती हैं।
🥗 पोषक तत्व (Nutrients)
पोषक तत्वों के प्रकार
- कार्बोहाइड्रेट (4 kcal/g): ऊर्जा का मुख्य स्रोत, सरल (ग्लूकोज) और जटिल (स्टार्च)
- प्रोटीन (4 kcal/g): कोशिका निर्माण और मरम्मत, अमीनो अम्ल से बना, पूर्ण (अंडा) और अपूर्ण (दालें)
- वसा (9 kcal/g): ऊर्जा भंडार, संतृप्त (घी) और असंतृप्त (वनस्पति तेल), ओमेगा-3 और 6 आवश्यक
- विटामिन: सूक्ष्म पोषक, वसा-घुलनशील (A,D,E,K) और जल-घुलनशील (B,C)
- खनिज: कैल्शियम (हड्डियाँ), आयरन (Hb), सोडियम (तंत्रिका आवेग), आयोडीन (थायरॉयड)
विटामिन (सभी महत्वपूर्ण विटामिन)
- विटामिन A (रेटिनॉल): दृष्टि, स्रोत-गाजर, रतौंधी (Night Blindness)
- विटामिन B1 (थायमिन): चयापचय, स्रोत-अनाज, बेरीबेरी (Beri-Beri)
- विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन): त्वचा स्वास्थ्य, स्रोत-दूध, एरिबोफ्लेविनोसिस (जीभ में दरारें)
- विटामिन B3 (नियासिन): तंत्रिका तंत्र, स्रोत-मांस, पेलाग्रा (Pellagra)
- विटामिन B12 (कोबालामिन): RBC निर्माण, स्रोत-मांस, अण्डा, अनीमिया
- विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड): कोलेजन संश्लेषण, स्रोत-नींबू, स्कर्वी (मसूड़ों से खून)
- विटामिन D (कैल्सिफेरॉल): कैल्शियम अवशोषण, स्रोत-सूर्य प्रकाश, रिकेट्स (हड्डी मुलायम)
- विटामिन E (टोकोफेरॉल): एंटीऑक्सीडेंट, स्रोत-बादाम, प्रजनन समस्याएँ
- विटामिन K (फिलोक्विनोन): रक्त स्कंदन, स्रोत-हरी पत्तेदार सब्जियाँ, रक्तस्राव
संतुलित आहार और कुपोषण
- संतुलित आहार: सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में, कार्बोहाइड्रेट (60%), प्रोटीन (15%), वसा (25%)
- कुपोषण: अल्पपोषण (Marasmus, Kwashiorkor) और अतिपोषण (मोटापा)
- प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण (PEM): मरास्मस (कुल कैलोरी की कमी), क्वाशियोरकर (प्रोटीन की कमी)
महत्वपूर्ण तथ्य: विटामिन B12 केवल पशु उत्पादों में पाया जाता है (शाकाहारियों के लिए चुनौती)। विटामिन D एकमात्र विटामिन है जिसे शरीर सूर्य के प्रकाश से संश्लेषित कर सकता है।
💉 रोग, टीके और औषधियाँ (Diseases, Vaccines, Medicines)
रोगों के प्रकार
- संक्रामक रोग: रोगजनकों द्वारा, एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकते हैं, उदा. मलेरिया, टीबी, COVID-19
- असंक्रामक रोग: फैलते नहीं, जीवनशैली या आनुवंशिक, उदा. मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग
रोगजनक (Pathogens)
- वायरस: न्यूक्लिक एसिड और प्रोटीन से बना, केवल होस्ट कोशिका में प्रजनन, उदा. HIV, इन्फ्लुएंजा
- बैक्टीरिया: एककोशिकीय प्रोकेरियोट्स, एंटीबायोटिक से उपचार, उदा. टीबी, निमोनिया
- फफूंद (Fungi): यूकेरियोटिक, काइटिन युक्त कोशिका भित्ति, उदा. दाद, खाज
- परजीवी (Parasites): होस्ट पर निर्भर, उदा. मलेरिया परजीवी (प्लास्मोडियम), कृमि
प्रमुख रोग
- मलेरिया: प्लास्मोडियम परजीवी, मादा एनोफिलीज मच्छर द्वारा, बुखार, ठंड लगना
- टीबी (Tuberculosis): माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस, फेफड़ों को प्रभावित, DOTS उपचार
- एड्स (AIDS): HIV वायरस, CD4 कोशिकाओं को नष्ट, यौन/रक्त/माता से शिशु संचरण
- डेंगू: डेंगू वायरस, एडीज मच्छर, तेज बुखार, प्लेटलेट्स कम होना
टीकाकरण (Immunization)
- BCG: टीबी के विरुद्ध, जन्म के समय
- OPV (पोलियो): पोलियो वायरस के विरुद्ध, मुख से दिया जाता है
- MMR: खसरा, कण्ठमाला, रूबेला के विरुद्ध, 9-12 महीने में
- DPT: डिफ्थीरिया, पर्टुसिस, टिटनेस के विरुद्ध, 3 खुराक
- हेपेटाइटिस B: जन्म के समय, 1 और 6 महीने पर
जीवन रक्षक औषधियाँ
- पेनिसिलिन: एलेक्जेंडर फ्लेमिंग द्वारा खोजा गया पहला एंटीबायोटिक
- ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS): दस्त में निर्जलीकरण रोकने के लिए
- एस्पिरिन: दर्द निवारक, बुखार कम करने वाला, रक्त पतला करने वाला
- इंसुलिन: मधुमेह रोगियों के लिए, अग्न्याशय द्वारा स्रावित हार्मोन
महत्वपूर्ण तथ्य: WHO के अनुसार, टीकाकरण हर साल 2-3 मिलियन मौतों को रोकता है। पेनिसिलिन की खोज 1928 में हुई थी और यह पेनिसिलियम फफूंद से प्राप्त होता है।
🌱 पारिस्थितिकी (Ecology)
पारिस्थितिकी की परिभाषा
- परिभाषा: जीवों और उनके पर्यावरण के बीच संबंधों का अध्ययन, अर्नेस्ट हैकेल द्वारा प्रतिपादित
- संगठन स्तर: जीव → जनसंख्या → समुदाय → पारिस्थितिकी तंत्र → जीवमंडल
पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem)
- घटक: जैविक (उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक) और अजैविक (प्रकाश, तापमान, मिट्टी, जल)
- उत्पादक (Producer): हरे पौधे, प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाते हैं
- उपभोक्ता (Consumer): प्राथमिक (शाकाहारी), द्वितीयक (मांसाहारी), तृतीयक (शीर्ष मांसाहारी)
- अपघटक (Decomposer): फफूंद और बैक्टीरिया, मृत जीवों को सरल पदार्थों में तोड़ते हैं
खाद्य श्रृंखला एवं जाल
- खाद्य श्रृंखला (Food Chain): ऊर्जा प्रवाह का रैखिक मार्ग, उदा. घास → हिरण → शेर
- खाद्य जाल (Food Web): अनेक परस्पर जुड़ी खाद्य श्रृंखलाएँ, अधिक स्थिर
- ऊर्जा पिरामिड: 10% नियम, प्रत्येक स्तर पर 90% ऊर्जा खो जाती है (श्वसन, उत्सर्जन आदि में)
जैव विविधता और संरक्षण
- जैव विविधता: जीन, प्रजाति और पारिस्थितिक तंत्र स्तर पर विविधता
- संरक्षण विधियाँ: इन-सीटु (संरक्षित क्षेत्र), एक्स-सीटु (चिड़ियाघर, बीज बैंक)
- संरक्षित क्षेत्र: राष्ट्रीय उद्यान (नो ग्राजिंग), वन्यजीव अभयारण्य (सीमित मानव गतिविधि), बायोस्फीयर रिजर्व
प्रदूषण
- वायु प्रदूषण: CO, SO₂, NOx, CFC, PM2.5, अम्ल वर्षा, ग्रीनहाउस प्रभाव
- जल प्रदूषण: अपशिष्ट जल, कीटनाशक, जैविक ऑक्सीजन मांग (BOD) बढ़ना, यूट्रोफिकेशन
- मृदा प्रदूषण: भारी धातुएँ, प्लास्टिक, कीटनाशक अवशेष, भूमि क्षरण
- ध्वनि प्रदूषण: 85 dB से अधिक हानिकारक, श्रवण हानि, तनाव
महत्वपूर्ण तथ्य: भारत में जैव विविधता के 4 हॉटस्पॉट - पश्चिमी घाट, हिमालय, इंडो-बर्मा, सुंडालैंड। चिपको आंदोलन (1973) वृक्ष संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
📘 विविध (Miscellaneous)
वैज्ञानिक नाम और खोजकर्ता
- मनुष्य: होमो सेपियन्स (कार्ल लिनियस)
- आम: मेंगीफेरा इंडिका
- गेहूँ: ट्रिटिकम एस्टिवम
- मलेरिया परजीवी: प्लास्मोडियम (रोनाल्ड रॉस ने संचरण की खोज की)
- डीएनए संरचना: वाटसन और क्रिक (1953), रोजालिंड फ्रैंकलिन के डेटा का उपयोग
शरीर के प्रमुख हार्मोन
- इंसुलिन: अग्न्याशय (β कोशिका), रक्त शर्करा कम करना
- थायरॉक्सिन: थायरॉयड, चयापचय दर नियंत्रण
- एड्रेनलिन: अधिवृक्क मज्जा, लड़ाई-उड़ाई प्रतिक्रिया
- टेस्टोस्टेरोन: वृषण, पुरुष लक्षण विकास
- एस्ट्रोजन: अंडाशय, महिला लक्षण विकास
- वृद्धि हार्मोन: पिट्यूटरी, हड्डी और मांसपेशी वृद्धि
शरीर के सामान्य मापदंड
- तापमान: 98.6°F (37°C)
- रक्तचाप: 120/80 mmHg
- हृदय गति: 72 बार/मिनट
- श्वसन दर: 16-20/मिनट
- रक्त pH: 7.35-7.45 (थोड़ा क्षारीय)
रोचक तथ्य
- मानव हृदय जीवनभर लगभग 2.5 बिलियन बार धड़कता है
- मानव मस्तिष्क 20% ऑक्सीजन और 25% ग्लूकोज का उपयोग करता है
- छींक की गति 100 मील/घंटा तक हो सकती है
- मानव आंत में 100 ट्रिलियन बैक्टीरिया होते हैं (माइक्रोबायोम)
- नींबू में संतरे से अधिक शर्करा होती है (लेकिन अधिक एसिड के कारण खट्टा लगता है)


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