Computer General Knowledge
कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान
परीक्षा की तैयारी के लिए विस्तृत नोट्स और आकर्षक इन्फोग्राफिक्स
विषय सूची
1. कम्प्यूटर का परिचय (Introduction to Computer)
कम्प्यूटर क्या है?
कम्प्यूटर एक स्वचालित तथा निर्देशों के अनुसार कार्य करने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जो डेटा ग्रहण करता है तथा सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम के अनुसार, किसी परिणाम के लिए डेटा को प्रोसेस, संग्रहीत अथवा प्रदर्शित करता है।
'कम्प्यूटर' शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के 'computare' शब्द से हुई है, जिसका अर्थ 'गणना करना' है।
COMPUTER शब्द के अक्षर:
- C - Commonly (कॉमनली)
- O - Operated (ऑपरेटिङ)
- M - Machine (मशीन)
- P - Particularly (पर्टिक्युलर्ली)
- U - Used for (यूस्ड फॉर)
- T - Technical (टैक्निकल)
- E - Education and (एजुकेशन एण्ड)
- R - Research (रिसर्च)
अतः, कम्प्यूटर एक ऐसा यन्त्र है, जिसका उपयोग गणना, प्रक्रिया, यान्त्रिकी, अनुसन्धान, शोध आदि कार्यों में किया जाता है। यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संयोजन है, जो डेटा को सूचना में बदलता है।
कम्प्यूटर प्रणाली की कार्यपद्धति (Functioning of a Computer System)
कम्प्यूटर मुख्य रूप से चार कार्य करता है:
1. इनपुट (Input)
कम्प्यूटर में डेटा या सूचना भेजना।
2. प्रोसेसिंग (Processing)
निर्देशों को एक्जिक्यूट करना।
3. आउटपुट (Output)
संसाधित डेटा उपयोगकर्ता को उपलब्ध कराना।
4. स्टोरेज (Storage)
डेटा और प्रोग्राम को स्थायी रूप से स्टोर करना।
कम्प्यूटर की विशेषताएँ (Features of Computer)
1. गति (Speed)
लाखों गणनाएँ नैनो सेकण्ड में।
2. त्रुटि रहित कार्य (Accuracy)
बिना किसी त्रुटि (Error) के परिणाम।
3. भण्डारण क्षमता (Storage Capacity)
सूचनाओं का विशाल भण्डार संचित।
4. बहुउद्देशीय (Versatile)
विभिन्न प्रकार के कार्य एक साथ।
5. गोपनीयता (Secrecy)
पासवर्ड द्वारा कार्य गोपनीय।
6. सक्षमता (Diligence)
बिना रुके लाखों-करोड़ो बार कार्य।
7. स्वचालित (Automatic)
मानवीय हस्तक्षेप की संभावना नगण्य।
कम्प्यूटर से सम्बन्धित शब्द (Terms Related to Computer)
हार्डवेयर (Hardware)
कम्प्यूटर के सभी भाग, जिन्हें हम हाथों से छू सकते हैं एवं देख भी सकते हैं, उन्हें हार्डवेयर कहते हैं। जैसे: मदर बोर्ड, मॉनीटर, की-बोर्ड, माउस, प्रिण्टर आदि।
सॉफ्टवेयर (Software)
एक निश्चित कार्य को सम्पन्न करने के लिए निर्देशों का समूह प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर प्रोग्राम कहलाता है। जैसे: नोटपैड, एम एस ऑफिस, गेम आदि।
डेटा (Data)
तथ्यों और अव्यवस्थित ऑकड़ों का समूह है। यह दो प्रकार का होता है:
- संख्यात्मक डेटा (Numerical Data): 0 से 9 तक के अंकों का प्रयोग (जैसे: परीक्षा में प्राप्त अंक)।
- चिह्नात्मक डेटा (Alphanumeric Data): अंक, अक्षर तथा चिन्हों का प्रयोग (जैसे: कर्मचारियों का पता)।
सूचना (Information)
जब डेटा को उपयोगी बनाने के लिए इसे संसाधित (व्यवस्थित), संगठित तथा संरचित किया जाता है, तो प्राप्त डेटा सूचना कहलाता है।
प्रोसेसिंग (Processing)
डेटा पर की जाने वाली उन क्रियाओं को जिनसे सूचना प्राप्त होती है, प्रोसेसिंग कहा जाता है। डेटा प्रोसेसिंग का मुख्य लक्ष्य अव्यवस्थित डेटा से व्यवस्थित सूचना प्राप्त करना है।
कम्प्यूटर विकास का इतिहास (History of Computer Evolution)
आधुनिक कम्प्यूटरों के विकास का इतिहास बहुत पुराना है। नीचे एक सारणी में मुख्य आविष्कारों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
| आविष्कार | आविष्कारक | समय | विशेषताएँ | अनुप्रयोग |
|---|---|---|---|---|
| अबेकस (Abacus) | ली काई चेन (चीन) | 16वीं शताब्दी | सबसे पहला एवं सरल यन्त्र। लकड़ी का आयताकार ढाँचा, तारों में गोलाकार मोतियों द्वारा गणना। | जोड़ने व घटाने, वर्गमूल निकालने के लिए। |
| नेपियर्स बोन्स (Napier's Bones) | जॉन नेपियर (स्कॉटलैण्ड) | 1617 | जानवरों की हड्डियों से बनी आयताकार पट्टियाँ। गुणा शीघ्रतापूर्वक। | गुणा और गणना के लिए। |
| स्लाइड रूल (Slide Rule) | विलियम ऑटरेड (जर्मनी) | 1620 | लघुगणक विधि पर आधारित। दो चिह्नित पट्टियाँ सरकाकर गणना। | लघुगणकीय गणनाएँ। |
| पास्कलाइन (Pascaline) | ब्लेज पास्कल (फ्रांस) | 1642 | प्रथम मैकेनिकल एडिंग मशीन। ओडोमीटर एवं घड़ी के सिद्धान्त पर आधारित। दाँतेदार चक्र और डायल। | संख्याओं को जोड़ने और घटाने के लिए। |
| लेबनीज का यान्त्रिक कैलकुलेटर | गाटफ्रड वान लेबनीज (जर्मन) | 1671 | लेबनीज की 'रेनिंग मशीन'। जोड़ व घटाव के साथ-साथ गुणा व भाग। | कार व स्कूटर के स्पीडोमीटर में प्रयुक्त। |
| जेकॉडर्स लूम (Jacquard Loom) | जोसेफ-मेरी जैकार्ड (फ्रांस) | 1801 | बुनाई मशीन जिसमें छिद्र किए हुए कार्डों का उपयोग। | कपड़े बुनने के लिए। |
| चार्ल्स बेबेज डिफरेंस इंजन | चार्ल्स बेबेज | 1822 | शाफ्ट और गियर, भाप से चलती थी। | बीजगणितीय फालनों का मान दशमलव के 20 स्थानों तक शुद्धतापूर्वक ज्ञात करना। बीमा, डाक, रेल उत्पादन। |
| एनालिटिकल इंजन | चार्ल्स बेबेज | 1833 | पाँच मुख्य भाग: इनपुट, स्टोर, मिल, कण्ट्रोल, आउटपुट इकाई। आधुनिक कम्प्यूटरों का आदि प्रारूप। | सभी गणितीय क्रियाएँ। |
| टैबुलेटिंग मशीन | हर्मन होलेरिथ | 1880 | संख्या पढ़ने का कार्य छेद किए हुए कार्डों द्वारा। 'टेबुलेटिंग मशीन कम्पनी' की स्थापना (बाद में IBM)। | 1890 की जनगणना में प्रयोग। |
| मार्क-1 (Mark-1) | हावर्ड आइकन | 1930 | विश्व का प्रथम पूर्ण स्वचालित विद्युत यान्त्रिक गणना यन्त्र। मैग्नेटिक ड्रम संचयन। | गणनाएँ करने में। |
| एनिएक (ENIAC) | जेपी एकर्ट और जॉन मौचली | 1946 | बीस Accumulators का संयोजन। $18000$ वैक्यूम ट्यूब्स। पहला डिजिटल कम्प्यूटर। | प्राइवेट फर्मों, इंजीनियर्स रिसर्च एसोसिएशन और IBM में। |
| एडसक (EDSAC) | मौरिस विल्कस | 1949 | पहला प्रोग्राम संग्रहित डिजिटल कम्प्यूटर। मर्करी डिलेय लाइनस और वैक्यूम ट्यूब। | जीन आवृत्तियों से डिफरेंशियल समीकरण हल, प्राइम नंबर की खोज। |
| एडबैंक (EDVAC) | जॉन वॉन न्यूमैन | 1950 | 30 टन बड़ा, 150 फीट चौड़ा। | गणनाएँ करने का काम। |
| यूनिवैक (UNIVAC) | जे प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मौचली | 1951 | प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर। सांख्यिकी और शाब्दिक डेटा को संसाधित करता था। मैग्नेटिक टेप का प्रयोग। | वाणिज्यिक इस्तेमाल। |
कम्प्यूटर की पीढ़ियाँ (Generations of Computer)
कम्प्यूटरों के विकास के इतिहास को तकनीकी विकास के अनुसार कई भागों में बाँटा जाता है, जिन्हें कम्प्यूटरों की पीढ़ियाँ कहा जाता है।
प्रथम पीढ़ी
(1940-56)
- स्विचिंग: वैक्यूम ट्यूब
- स्टोरेज: मैग्नेटिक ड्रम
- गति: 333 माइक्रो सेकण्ड
- भाषा: मशीनी भाषा ($0$'s और $1$'s)
- मुख्यतः वैज्ञानिक उपयोग
- उदाहरण: ENIAC, UNIVAC, MARK-1
द्वितीय पीढ़ी
(1956-63)
- स्विचिंग: ट्रांजिस्टर
- स्टोरेज: मैग्नेटिक कोर
- गति: 10 माइक्रो सेकण्ड
- भाषा: असेंबली, उच्च स्तरीय (FORTRAN, COBOL)
- व्यापक व्यावसायिक प्रयोग
- उदाहरण: IBM 1401, Honeywell 400
तृतीय पीढ़ी
(1964-71)
- स्विचिंग: इंटीग्रेटेड सर्किट (IC)
- स्टोरेज: मैग्नेटिक कोर, सॉलिड स्टेट
- गति: 100 नैनो सेकण्ड्स
- भाषा: FORTRAN, COBOL
- डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, ऑनलाइन सिस्टम
- उदाहरण: IBM System/360, NCR 395
चतुर्थ पीढ़ी
(1971-वर्तमान)
- स्विचिंग: माइक्रोप्रोसेसर्स (VLSI)
- स्टोरेज: सेमीकंडक्टर मैमोरी, विचेस्टर डिस्क
- गति: 300 नैनो सेकण्ड
- भाषा: FORTRAN 77, Pascal, ADA
- नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रांसफर, पर्सनल उपयोग
- उदाहरण: IBM PC-XT, Apple II, Intel 4004 chip
पंचम पीढ़ी
(वर्तमान-आगे तक)
- स्विचिंग: ULSI, AI
- स्टोरेज: ऑप्टिकल डिस्क
- ऑपरेटिंग: नॉलेज प्रोसेसिंग
- भाषा: नेचुरल लैंग्वेज, प्रोसेसिंग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पीच/इमेज रिकॉगनिशन
- उदाहरण: रोबोटिक्स, न्यूरल नेटवर्क, एक्सपर्ट सिस्टम
इन्हें भी जानें (Quick Facts)
- चार्ल्स बैबेज को कम्प्यूटर का जनक कहा जाता है।
- 2 दिसम्बर प्रतिवर्ष विश्व कम्प्यूटर साक्षरता दिवस (Computer Literacy Day) के रूप में मनाया जाता है।
- आधुनिक कम्प्यूटर का जनक एलन ट्यूरिंग को कहा जाता है।
- पहला कम्प्यूटर आर्किटेक्चर जॉन वॉन न्यूमैन द्वारा $1948$ में प्रस्तुत किया गया।
- सिद्धार्थ भारत में निर्मित पहला पर्सनल कम्प्यूटर है।
- एडसैक वह प्रारम्भिक ब्रिटिश कम्प्यूटर था, जो डिजिटल संग्रहीत प्रोग्राम पर आधारित था।
- पैकमेन नामक प्रसिद्ध कम्प्यूटर खेल के लिए निर्मित हुआ था।
- डिजिटल घड़ी में माइक्रो कम्प्यूटर पाया जाता है।
- सर्वप्रथम पंच कार्ड का प्रयोग जोसेफ मेरी ने किया था।
- इण्टीग्रेटेड सर्किट अर्द्धचालक पदार्थ सिलिकॉन (Si) या जर्मेनियम (Ge) के बने होते हैं।
- विश्व का सबसे तेज सुपर कम्प्यूटर IBM का ब्लू जीन (Blue Gene) है।
- भारत का सबसे तेज कम्प्यूटर एका (EKA) है।
2. कम्प्यूटर आर्किटेक्चर (Computer Architecture)
कम्प्यूटर का संगठन (Organization of Computer)
कम्प्यूटर के न्यूनतम आवश्यक मूल कार्य तथा कम्प्यूटर को डेटा प्रोसेस करने की संरचना (Architecture) कहलाती है। सामान्य सभी कम्प्यूटरों की संरचना एक ही तरह की होती है। कम्प्यूटर के प्रमुख तीन भाग हैं:
- इनपुट/आउटपुट यूनिट (Input/Output Unit)
- सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit)
- मैमोरी यूनिट (Memory Unit)
यह तीनों भाग आपस में एक दूसरे से डेटा और निर्देशों का आदान-प्रदान करते हैं, जिससे सामान्य क्रियाएँ सम्भव होती हैं।
जॉन वॉन न्यूमैन आर्किटेक्चर: यह सबसे पहला एवं सरल यन्त्र। अबेकस लकड़ी का एक आयताकार ढाँचा होता था, जिसके अन्दर तारों का एक फ्रेम लगा होता था। क्षैतिज तारों में गोलाकार मोतियों के द्वास गणना की जाती थी।
सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit-CPU)
CPU को कम्प्यूटर का दिमाग कहा जाता है। यह कम्प्यूटर का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग है, जो सभी प्रकार की गणनाएँ, तुलनाएँ और प्रोग्रामों को एक्जिक्यूट करता है। CPU के मुख्य भाग निम्न हैं:
1. अरिथमैटिक और लॉजिकल यूनिट (ALU)
यह इकाई सभी गणितीय और तार्किक क्रियाओं को करती है। जैसे: जोड़, घटाव, गुणा, भाग, तुलना आदि।
2. कण्ट्रोल यूनिट (CU)
यह कम्प्यूटर के सभी भागों को नियंत्रित करता है, इनपुट से आउटपुट तक डेटा के प्रवाह को नियंत्रित करता है।
3. मैमोरी यूनिट (MU) / रजिस्टर (Registers)
यह CPU के अन्दर डेटा और निर्देशों को अस्थायी रूप से स्टोर करने के लिए प्रयोग होती है। ये सबसे तेज़ मैमोरी होते हैं।
मैमोरी (Memory)
कम्प्यूटर मैमोरी वह जगह है जहाँ डेटा, सूचना और प्रोग्राम्स को प्रोसेस करने से पहले या बाद में अस्थायी या स्थायी रूप से स्टोर किया जाता है। मैमोरी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
1. प्राथमिक मैमोरी (Primary Memory)
इसे मुख्य मैमोरी भी कहते हैं। यह सीधे CPU से जुड़ी होती है और वर्तमान में चल रहे डेटा व प्रोग्राम को स्टोर करती है। यह अस्थिर (volatile) होती है, यानी बिजली बंद होने पर डेटा मिट जाता है।
- रैम (RAM - Random Access Memory): यह रीड-राइट मैमोरी है। डेटा को यादृच्छिक रूप से एक्सेस किया जा सकता है। यह मुख्य प्रकार की प्राथमिक मैमोरी है।
- रॉम (ROM - Read Only Memory): यह केवल पढ़ने वाली मैमोरी है। इसमें स्थायी निर्देश (BIOS) स्टोर होते हैं, जो कम्प्यूटर को बूट करने में मदद करते हैं।
2. द्वितीयक मैमोरी (Secondary Memory)
इसे बाहरी मैमोरी भी कहते हैं। यह डेटा को स्थायी रूप से स्टोर करती है और यह अस्थिर नहीं होती है। इसकी क्षमता प्राथमिक मैमोरी से कहीं अधिक होती है।
- हार्ड डिस्क (Hard Disk)
- फ्लॉपी डिस्क (Floppy Disk)
- सीडी/डीवीडी (CD/DVD)
- पेन ड्राइव (Pen Drive)
- मैग्नेटिक टेप (Magnetic Tape)
3. इनपुट और आउटपुट युक्तियाँ (Input & Output Device)
इनपुट युक्तियाँ (Input Devices)
इनपुट युक्तियाँ वे हार्डवेयर घटक हैं जो कम्प्यूटर को डेटा और निर्देश भेजने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
1. कीबोर्ड (Keyboard)
सबसे आम इनपुट डिवाइस। इसमें अक्षर, संख्याएँ, प्रतीक और विशेष कार्य कुंजियाँ होती हैं।
- अल्फान्यूमेरिक कीज
- न्यूमेरिक कीज
- फंक्शन कीज
- कर्सर कण्ट्रोल कीज
- स्पेशल पर्पस कीज
2. माउस (Mouse)
एक पॉइंटिंग डिवाइस, ग्राफिकल इंटरफ़ेस में कर्सर को नियंत्रित करता है।
- मैकेनिकल माउस
- ऑप्टिकल माउस
- कॉर्डलेस माउस
3. जॉयस्टिक (Joystick)
मुख्य रूप से गेम खेलने और CAD (Computer Aided Design) कार्यों के लिए उपयोग होता है।
4. लाइट पेन (Light Pen)
यह स्क्रीन पर सीधे ड्रॉ करने या मेनू आइटम चुनने के लिए उपयोग किया जाता है।
5. स्कैनर (Scanner)
यह कागजात या अन्य भौतिक दस्तावेजों को डिजिटल इमेज में परिवर्तित करता है।
- हैंड हेल्ड स्कैनर
- फ्लैटबेड स्कैनर
- DPI स्कैनर
6. माइक्रोफोन (Microphone)
ध्वनि को डिजिटल डेटा में बदलने के लिए।
7. वेबकैम (Webcam)
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन चैटिंग के लिए।
8. बार कोड रीडर (Bar Code Reader)
उत्पादों पर मुद्रित बार कोड को पढ़ने के लिए।
9. ऑप्टिकल मार्क रीडर (OMR)
परीक्षाओं में दिए गए विकल्पों को पढ़ने के लिए।
10. ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉगनिशन (OCR)
हाथ से लिखे या मुद्रित टेक्स्ट को डिजिटल टेक्स्ट में बदलने के लिए।
11. मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रीडर (MICR)
बैंकों में चेक पर चुंबकीय स्याही से लिखे अक्षरों को पढ़ने के लिए।
12. स्मार्ट कार्ड रीडर (Smart Card Reader)
स्मार्ट कार्ड से डेटा एक्सेस करने के लिए।
13. बायोमीट्रिक सेंसर (Biometric Sensor)
फिंगरप्रिंट, रेटिना स्कैन आदि द्वारा पहचान के लिए।
आउटपुट युक्तियाँ (Output Devices)
आउटपुट युक्तियाँ वे हार्डवेयर घटक हैं जो कम्प्यूटर से संसाधित डेटा या सूचना को उपयोगकर्ता को प्रदर्शित या उपलब्ध कराने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
1. मॉनीटर (Monitor)
यह वीडियो डिस्प्ले यूनिट (VDU) है, जो संसाधित डेटा को स्क्रीन पर प्रदर्शित करती है।
- CRT मॉनीटर
- LCD मॉनीटर
- LED मॉनीटर
- TFT-LCD मॉनीटर
2. प्रिंटर (Printers)
यह टेक्स्ट और ग्राफ़िक्स को कागज़ पर प्रिंट करता है।
- इम्पैक्ट प्रिंटर (जैसे: डॉट मैट्रिक्स, डेज़ी व्हील, लाइन प्रिंटर)
- नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर (जैसे: इंकजेट, लेजर प्रिंटर)
3. प्लॉटर (Plotter)
बड़े पैमाने पर ग्राफ़िक्स, नक्शे, ब्लूप्रिंट आदि प्रिंट करने के लिए।
- फ्लैट बेड प्लॉटर
- ड्रम प्लॉटर
4. स्पीकर (Speaker)
कम्प्यूटर से ऑडियो आउटपुट के लिए।
5. हेड फ़ोन (Head Phones)
व्यक्तिगत ऑडियो सुनने के लिए।
6. प्रोजेक्टर (Projector)
स्क्रीन या दीवार पर वीडियो या इमेज प्रदर्शित करने के लिए।
4. कम्प्यूटर मैमोरी (Computer Memory)
मैमोरी के प्रकार (Types of Memory)
कम्प्यूटर मैमोरी को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
1. प्राथमिक मैमोरी (Primary Memory)
यह सीधे CPU से जुड़ी होती है।
- रैम (RAM): रैंडम एक्सेस मैमोरी, अस्थिर (volatile), डेटा अस्थायी रूप से स्टोर होता है।
- रॉम (ROM): रीड ओनली मैमोरी, गैर-अस्थिर (non-volatile), स्थायी निर्देश स्टोर होते हैं।
- PROM (Programmable ROM)
- EPROM (Erasable PROM)
- EEPROM (Electrically Erasable PROM)
- Flash Memory (फ़्लैश मैमोरी)
2. द्वितीयक मैमोरी (Secondary Memory)
यह स्थायी डेटा स्टोरेज के लिए उपयोग होती है, गैर-अस्थिर (non-volatile) होती है।
- फ्लॉपी डिस्क (Floppy Disk)
- हार्ड डिस्क (Hard Disk)
- कम्पैक्ट डिस्क (Compact Disk) - CD-ROM, CD-R, CD-RW
- डिजिटल वीडियो डिस्क (Digital Video Disc) - DVD, DVD-R, DVD-RW, DVD-RAM
- ब्लू-रे डिस्क (Blu-ray Disc)
- पेन ड्राइव/थम्ब ड्राइव (Pen/Thumb Drive)
- मैग्नेटिक टेप (Magnetic Tape)
मैमोरी की इकाइयाँ (Units of Memory)
| इकाई | बराबर |
|---|---|
| 1 बिट | 0 या 1 |
| 4 बिट्स | 1 निब्बल |
| 8 बिट्स | 1 बाइट |
| 1024 बाइट्स | 1 किलोबाइट (KB) |
| 1024 किलोबाइट्स | 1 मेगाबाइट (MB) |
| 1024 मेगाबाइट्स | 1 गीगाबाइट (GB) |
| 1024 गीगाबाइट्स | 1 टेराबाइट (TB) |
| 1024 टेराबाइट्स | 1 पेटाबाइट (PB) |
| 1024 पेटाबाइट्स | 1 एक्सबाइट (EB) |
| 1024 एक्सबाइट्स | 1 ज़ेटाबाइट (ZB) |
| 1024 ज़ेटाबाइट्स | 1 योटाबाइट (YB) |
| 1024 योटाबाइट्स | 1 ब्रोंटोबाइट (Brontobyte) |
| 1024 ब्रोंटोबाइट्स | 1 जीओपबाइट (Geopbyte) |
कैश मैमोरी (Cache Memory)
कैश मैमोरी एक बहुत तेज SRAM (Static Random Access Memory) होती है, जो CPU और मुख्य मैमोरी के बीच बफर के रूप में कार्य करती है। यह अक्सर उपयोग होने वाले डेटा और निर्देशों को स्टोर करती है ताकि CPU उन्हें तेज़ी से एक्सेस कर सके।
मुख्य विशेषताएँ:
- यह CPU की प्रोसेसिंग गति को बढ़ाती है।
- इसका उपयोग सीपीयू और मुख्य मैमोरी के बीच गति के अंतर को कम करने के लिए होता है।
- यह एक अस्थिर मैमोरी है।
5. डेटा निरूपण (Data Representation)
संख्या प्रणाली (Number System)
कम्प्यूटर डेटा को बाइनरी फॉर्मेट में प्रोसेस करता है। विभिन्न संख्या प्रणालियाँ डेटा निरूपण के लिए उपयोग की जाती हैं:
1. बाइनरी संख्या प्रणाली (Binary Number System)
आधार 2, केवल 0 और 1 का उपयोग।
2. दशमलव संख्या प्रणाली (Decimal Number System)
आधार 10, 0 से 9 तक के अंक।
3. ऑक्टल संख्या प्रणाली (Octal Number System)
आधार 8, 0 से 7 तक के अंक।
4. हेक्साडेसिमल संख्या प्रणाली (Hexadecimal Number System)
आधार 16, 0 से 9 और A से F तक के प्रतीक।
संख्या प्रणालियों का आपस में परिवर्तन
विभिन्न संख्या प्रणालियों के बीच डेटा का परिवर्तन कम्प्यूटर के लिए महत्वपूर्ण है।
दशमलव से बाइनरी में परिवर्तन
दशमलव संख्या को $2$ से लगातार भाग देकर और शेषफल को नोट करके बाइनरी में बदला जाता है।
बाइनरी से दशमलव में परिवर्तन
बाइनरी संख्या के प्रत्येक बिट को उसकी स्थिति के आधार पर $2$ की घात से गुणा करके और फिर सभी उत्पादों को जोड़कर दशमलव में बदला जाता है।
अन्य परिवर्तन
ऑक्टल, हेक्साडेसिमल और उनके बीच के परिवर्तन भी इसी प्रकार के सिद्धांतों पर आधारित होते हैं।
कम्प्यूटर कोड (Computer Codes)
कम्प्यूटर में डेटा को आंतरिक रूप से प्रतिनिधित्व करने के लिए विभिन्न कोड प्रणालियों का उपयोग किया जाता है।
- बाइनरी कोडेड डेसिमल (BCD): यह दशमलव अंकों को बाइनरी प्रारूप में प्रतिनिधित्व करता है।
- अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर इंफॉर्मेशन इंटरचेंज (ASCII): यह अंग्रेजी अक्षरों, संख्याओं और प्रतीकों को प्रतिनिधित्व करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
- एक्सटेंडेड बाइनरी कोडेड डेसिमल इंटरचेंज कोड (EBCDIC): IBM मेनफ्रेम कम्प्यूटरों में उपयोग किया जाता है।
- यूनिकोड (UNICODE): विभिन्न भाषाओं के सभी वर्णों को प्रतिनिधित्व करने के लिए एक सार्वभौमिक मानक।
6. कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर (Computer Software)
सॉफ्टवेयर की परिभाषा
सॉफ्टवेयर एक निश्चित कार्य को सम्पन्न करने के लिए निर्देशों का समूह (प्रोग्राम) होता है, जो कम्प्यूटर को बताता है कि क्या करना है और कैसे करना है। सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर का कोई उपयोग नहीं है।
सॉफ्टवेयर के प्रकार (Types of Software)
1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
यह कम्प्यूटर हार्डवेयर को नियंत्रित और प्रबंधित करता है, जिससे एप्लिकेशन प्रोग्राम सही ढंग से चल सकें।
- ऑपरेटिंग सिस्टम (OS): जैसे Windows, Linux, macOS।
- डिवाइस ड्राइवर (Device Driver): हार्डवेयर उपकरणों को चलाने के लिए।
- यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software): सिस्टम की कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए (जैसे एंटीवायरस, डिस्क क्लीनर, डेटा बैकअप)।
- लैंग्वेज प्रोसेसर (Language Processors): असेंबलर, कंपाइलर, इंटरप्रेटर।
2. एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)
यह उपयोगकर्ता के विशिष्ट कार्यों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- सामान्य उद्देश्यीय सॉफ्टवेयर (General Purpose Software):
- वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर (MS Word)
- स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर (MS Excel)
- प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर (MS PowerPoint)
- डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (MS Access)
- ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर (Photoshop)
- विशिष्ट उद्देश्यीय सॉफ्टवेयर (Specific Purpose Software):
- इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम
- पेरोल मैनेजमेंट सिस्टम
- रिजर्वेशन सिस्टम
- बिलिंग सिस्टम
प्रोग्रामिंग भाषाएँ (Programming Languages)
प्रोग्रामिंग भाषाएँ कम्प्यूटर को निर्देश देने के लिए उपयोग की जाती हैं।
1. निम्न स्तरीय भाषाएँ (Low Level Languages)
- मशीनी भाषा (Machine Language)
- असेंबली भाषा (Assembly Language)
2. उच्च स्तरीय भाषाएँ (High Level Languages)
मनुष्य के समझने में आसान, अंग्रेजी जैसी भाषा।
- FORTRAN
- COBOL
- BASIC
- C / C++
- Java
- Python
3. दुभाषिए (Translators)
- असेंबलर (Assembler)
- कंपाइलर (Compiler)
- इंटरप्रेटर (Interpreter)
7. ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)
ऑपरेटिंग सिस्टम की परिभाषा
ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) एक सॉफ्टवेयर है जो कम्प्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर संसाधनों का प्रबंधन करता है, और कम्प्यूटर प्रोग्रामों के लिए सामान्य सेवाएँ प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ता और कम्प्यूटर हार्डवेयर के बीच एक इंटरफ़ेस के रूप में कार्य करता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य (Main Functions of OS)
1. प्रोसेस प्रबंधन (Process Management)
यह CPU में चल रहे प्रोग्रामों (प्रोसेस) को नियंत्रित और प्रबंधित करता है।
2. मैमोरी प्रबंधन (Memory Management)
कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी का प्रबंधन करता है, जिससे प्रोग्रामों को आवश्यक स्थान मिलता है।
3. इनपुट-आउटपुट डिवाइस प्रबंधन (I/O Device Management)
सभी इनपुट और आउटपुट उपकरणों को नियंत्रित करता है।
4. फाइल प्रबंधन (File Management)
फाइलों और फ़ोल्डरों को बनाना, हटाना, कॉपी करना और व्यवस्थित करना।
5. सुरक्षा (Security)
पासवर्ड और अन्य सुरक्षा तंत्रों के माध्यम से डेटा और प्रोग्रामों को सुरक्षित रखता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types of Operating System)
1. बैच ऑपरेटिंग सिस्टम (Batch Operating System)
समान प्रकार के कार्यों को एक साथ प्रोसेस करता है।
2. सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम (Single User OS)
एक समय में केवल एक उपयोगकर्ता को अनुमति देता है।
3. मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi User OS)
एक ही समय में एक से अधिक उपयोगकर्ताओं को काम करने की अनुमति देता है।
4. सिंगल टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Single Tasking OS)
एक समय में केवल एक कार्य।
5. मल्टी टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi Tasking OS)
एक समय में कई कार्य।
6. टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Time Sharing OS)
उपयोगकर्ताओं के बीच CPU समय को साझा करता है।
7. रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम (Real Time OS)
समय-संवेदनशील कार्यों के लिए, जहाँ प्रतिक्रिया समय महत्वपूर्ण है।
कुछ महत्वपूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम (Some Important Operating System)
यूनिक्स (Unix)
मल्टी-यूजर, मल्टी-टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम। 1969 में विकसित।
लिनक्स (Linux)
ओपन सोर्स, यूनिक्स जैसा ऑपरेटिंग सिस्टम।
सोलारिस (Solaris)
यूनिक्स-आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम, सन माइक्रोसिस्टम्स द्वारा विकसित।
माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Microsoft Windows)
ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (GUI) आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम।
एंड्रॉइड (Android)
मोबाइल उपकरणों के लिए गूगल द्वारा विकसित।
सिम्बियन (Symbian)
मोबाइल उपकरणों के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम (पुराना)।
ब्लैकबेरी (Blackberry)
ब्लैकबेरी उपकरणों के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम।
एमएस-डॉस (MS-DOS)
माइक्रोसॉफ्ट का डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम, कमांड लाइन इंटरफ़ेस।


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