Complete UP GK for UPSSSC PET, UPPSC, UP Police UP GK in Hindi, UP GK Book, UP Special GK in Hindi - UP Special in Hindi
उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान
परीक्षा की तैयारी के लिए विस्तृत नोट्स और इन्फोग्राफिक्स
1. उत्तर प्रदेश: एक नज़र में
उत्तर प्रदेश (यूपी) को उत्तर वैदिक युग में ब्रह्मर्षि देश या मध्य देश और ब्रिटिश काल में संयुक्त प्रांत के रूप में जाना जाता था। 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश कर दिया गया। यह भारत के उत्तर-मध्य गंगा के मैदानी इलाके में स्थित है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख तथ्य (एक नज़र में)
स्थापना दिवस
24 जनवरी 1950 (प्रत्येक वर्ष 'उत्तर प्रदेश दिवस' के रूप में मनाया जाता है)
विषय 2023: 'निवेश और रोजगार'
क्षेत्रफल
2,40,928 वर्ग कि.मी. (भारत के कुल क्षेत्रफल का 7.33%)
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत में चौथा स्थान (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद)
राजधानी
लखनऊ (1920 में इलाहाबाद से स्थानांतरित)
भौगोलिक विस्तार
अक्षांश: 23°52'उत्तर - 31°28' उत्तर
देशांतर: 77°31'पूर्व - 84°39′पूर्व
उत्तर-दक्षिण विस्तार: 240 कि.मी.
पूर्व-पश्चिम विस्तार: 650 कि.मी.
मानक मध्याह्न रेखा
82°30' पूर्व (मिर्ज़ापुर से होकर गुजरती है)
सीमाएँ
8 राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार)
1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली)
1 अंतर्राष्ट्रीय सीमा (नेपाल)
उच्च न्यायालय
प्रयागराज (लखनऊ में खंडपीठ)
प्रशासनिक प्रभाग
18 मंडल, 75 जिले
सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल): लखीमपुर खीरी
सबसे छोटा जिला (क्षेत्रफल): हापुड़
संसद में सीटें
राज्यसभा: 31 सीटें
लोकसभा: 80 सीटें
विधानसभा में सीटें
403 निर्वाचित सदस्य
विधान परिषद में सीटें
100 सदस्य
राज्य चिन्ह
2. उत्तर प्रदेश: प्राचीन इतिहास
पाषाण युग से हड़प्पा सभ्यता तक के स्थल
वैदिक सभ्यता (1500 ई. पू. से 600 ई. पू.)
महाजनपद (छठी से चौथी शताब्दी ईसा पूर्व)
बौद्ध ग्रंथों (अंगुत्तर निकाय, महा वस्तु) और जैन साहित्य (भगवती सूत्र) में 16 महाजनपदों की सूची मिलती है, जिनमें से 8 उत्तर प्रदेश में स्थित थे:
कुरु
राजधानी: इंद्रप्रस्थ। आधुनिक स्थान: मेरठ से दिल्ली।
कोशल
राजधानी: श्रावस्ती। आधुनिक स्थान: अवध क्षेत्र। गौतम बुद्ध का जन्मस्थान लुंबिनी, कोशल में था।
पांचाल
राजधानी: अहिच्छत्र (उत्तरी) और कांपिल्य (दक्षिणी)। आधुनिक स्थान: बरेली, बदायूँ, फर्रुखाबाद।
शूरसेन
राजधानी: मथुरा। आधुनिक स्थान: मथुरा। कृष्ण पूजा का केंद्र।
वत्स
राजधानी: कौशांबी। आधुनिक स्थान: प्रयागराज। यमुना के तट पर स्थित।
मल्ल
राजधानी: कुशीनगर और पावा। आधुनिक स्थान: देवरिया-गोरखपुर, पडरौना, कुशीनगर। बुद्ध ने कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
काशी
राजधानी: वाराणसी। आधुनिक स्थान: वाराणसी।
चेदि
राजधानी: सोथिवाथी। आधुनिक स्थान: बाँदा (बुंदेलखंड क्षेत्र)।
बौद्ध एवं जैन धर्म
बौद्ध स्थल: वाराणसी (सारनाथ)
बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्त करने के बाद सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया। 'धम्मचक्पपित्तन सुत्त' पहला उपदेश है। धमेक स्तूप यहीं स्थित है।
बौद्ध स्थल: श्रावस्ती
गौतम बुद्ध ने अपने मठवासी जीवन का अधिकतम समय (लगभग 25 वर्ष) श्रावस्ती में बिताया था। बुद्ध ने सबसे अधिक प्रवचन भी यहीं दिए।
बौद्ध स्थल: कुशीनगर
बुद्ध ने कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। रामाभार स्तूप यहीं स्थित है, जहाँ बुद्ध का अंतिम संस्कार किया गया था।
जैन स्थल: अयोध्या
जैन धर्म के संस्थापक और पहले तीर्थंकर ऋषभनाथ (आदिनाथ) का जन्म अयोध्या में हुआ था।
जैन स्थल: काशी (वाराणसी)
23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म 872 ईसा पूर्व में बनारस में हुआ था।
जैन स्थल: श्रावस्ती
संभवनाथ (तीसरे तीर्थंकर) की जन्मस्थली है।
मगध साम्राज्य और मौर्योत्तर काल
पूर्व-मौर्य राजवंश:
- हर्यंक राजवंश (544 ई.पू.-412 ई.पू.): बिम्बिसार (संस्थापक, पहला नियमित सेना वाला राजा), अजातशत्रु (पिता की हत्या कर सिंहासन संभाला, पहली बौद्ध संगीति इसी के शासनकाल में हुई), उदयन (पाटलिपुत्र शहर की नींव रखी, राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानांतरित की)।
- शिशुनाग राजवंश (412-344 ईसा पूर्व): शिशुनाग (संस्थापक), कालाशोक (द्वितीय बौद्ध संगीति वैशाली में हुई)।
- नंद वंश (344-323 ईसा पूर्व): महापद्म नंद (संस्थापक, 'सर्वक्षत्रान्तक'), धनानंद (अंतिम शासक, सिकंदर ने इसी के शासनकाल में भारत पर आक्रमण किया)।
मौर्य काल:
- चंद्रगुप्त मौर्य ने कौटिल्य की सहायता से नंद वंश को हराकर मौर्य वंश की स्थापना की।
- सम्राट अशोक: मौर्य साम्राज्य का तीसरा सम्राट। कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया। सारनाथ में अशोक की सिंह राजधानी और कई स्तूप, विहार और स्तंभ बनवाए।
- प्रमुख अशोक स्तंभ/शिलालेख: मेरठ, सारनाथ, प्रयागराज (कौशांबी में स्थित था), कौशांबी, अहरौरा (मिर्ज़ापुर), संकिसा (फर्रुखाबाद), टोपरा (सहारनपुर)।
मौर्योत्तर काल:
- शुंग राजवंश (185 ई.पू.-73 ई.पू.): पुष्यमित्र शुंग (संस्थापक, दो अश्वमेघ यज्ञ किए), भरहुत में सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप बनाया गया।
- कण्व वंश (73 ई.पू.-28 ई.पू.): वासुदेव कण्व (संस्थापक)।
- सातवाहन वंश (60 ई.पू.-225 ई.): सिमुक (संस्थापक), गौतमीपुत्र शातकर्णी (सबसे महान शासक)।
- कलिंग का चेदि राजवंश: खारवेल (तीसरे शासक, जैन धर्म के अनुयायी)।
गुप्त काल (चौथी से छठी शताब्दी ई.पू.) और हर्षवर्द्धन
- गुप्तों ने अनुगंगा (मध्य गंगा बेसिन), मगध, साकेत (अयोध्या, यूपी) और प्रयाग (आधुनिक प्रयागराज) पर अपना शासन स्थापित किया।
- गुप्त काल को प्राचीन भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है।
- प्रमुख शासक: चंद्रगुप्त प्रथम (पहला महत्वपूर्ण राजा), समुद्रगुप्त ('महाराजा' के रूप में वर्णित इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख में), स्कंदगुप्त (साम्राज्य अपने शिखर पर पहुंचा)।
- वास्तुकला: दशावतार मंदिर (देवगढ़), भीतरगाँव मंदिर (कानपुर देहात) - गुप्त काल में निर्मित।
- प्रमुख शिलालेख: बिल्साड़ (एटा), गढ़वा (प्रयागराज), भीतरी (गाजीपुर), मथुरा, करमदांडा (फैजाबाद), मानकुँवर (प्रयागराज)।
- हर्षवर्द्धन: पुष्यभूति राजवंश का अंतिम शासक। अधिकांश उत्तरी भारत को एकीकृत किया। राजधानी: कान्यकुब्ज (कन्नौज)। 647 ईस्वी में मृत्यु के बाद साम्राज्य छोटे राज्यों में विघटित हो गया।
3. उत्तर प्रदेश: मध्यकालीन इतिहास
कन्नौज के लिए त्रि-पक्षीय संघर्ष
- प्रारंभिक मध्ययुगीन काल में, कन्नौज को शक्ति और अधिकार का प्रतीक माना जाता था।
- त्रि-पक्षीय संघर्ष में पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट शामिल थे।
- यह संघर्ष दो शताब्दियों तक चला और अंततः राजपूत प्रतिहार सम्राट नागभट्ट द्वितीय ने विजय हासिल की।
दिल्ली सल्तनत (1206-1526 ई.)
- कुतुबुद्दीन ऐबक: 1206 ईस्वी में दिल्ली सल्तनत की स्थापना की। मेरठ और बारां (आधुनिक बुलंदशहर) पर कब्जा किया।
- मुहम्मद गोरी: 1194 ईस्वी में चंदावर का युद्ध (फिरोजाबाद के पास) में जयचंद (गड़वाल राजवंश) को हराया। कन्नौज और बनारस पर कब्जा किया।
- दिल्ली सल्तनत के प्रमुख राजवंश: गुलाम वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद राजवंश और लोदी वंश।
प्रमुख राजवंशों का यूपी से संबंध:
- गुलाम वंश (1206-1290 ई.): इल्तुतमिश (दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक), सुल्तान बनने से पहले बदायूँ का सूबेदार था। बदायूँ की जामा मस्जिद का निर्माण कराया।
- खिलजी वंश (1290-1320 ई.): जलालुद्दीन फिरोज खिलजी (संस्थापक)। अलाउद्दीन खिलजी कारा (कौशांबी) और अवध का गवर्नर रहा। अमरोहा की लड़ाई (1305) में मंगोलों को हराया।
- तुगलक वंश (1320-1414 ई.): गयासुद्दीन तुगलक (संस्थापक)। मुहम्मद बिन तुगलक के उत्तराधिकारी फिरोज शाह तुगलक ने जौनपुर शहर की स्थापना की। फिरोजाबाद शहर का निर्माण कराया। पश्चिमी यमुना नहर (राज नहर) की स्थापना की।
- सैयद राजवंश (1414-1451 ई.): खिज़्र खान (संस्थापक)।
- लोदी वंश (1451-1526 ई.): बहलोल लोदी (संस्थापक)। जौनपुर सल्तनत के शर्की वंश पर विजय प्राप्त की। 1504 में सुल्तान सिकंदर लोदी ने आगरा की स्थापना की और राजधानी दिल्ली से आगरा स्थानांतरित की।
शर्की वंश (जौनपुर)
- स्थापना 1394 में मलिक सरवर ख्वाजा जहाँ ने की थी।
- जौनपुर को राजधानी बनाया और इसे शिराज-ए-हिंद के नाम से जाना जाता था।
- प्रमुख स्मारक: अटाला मस्जिद, जामा मस्जिद और लाल दरवाजा।
मुगल शासन और उत्तर प्रदेश
बाबर (1526-1530 ई.)
- 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल शासन की स्थापना की।
- खानवा का युद्ध (1527) में राणा सांगा को हराया, जिसके बाद मुगल सत्ता का केंद्र काबुल की बजाय आगरा बन गया।
- जामा मस्जिद (संभल) और बाबरी मस्जिद (अयोध्या) का निर्माण कराया।
हुमायूँ (1530-40 और 1555-56)
- शेरशाह सूरी के साथ चौसा (1539) और बिलग्राम/कन्नौज (1540) का युद्ध लड़ा। कन्नौज के युद्ध में हार के बाद उत्तर प्रदेश का शासन शेरशाह के हाथ में चला गया।
अकबर (1556-1605)
- पानीपत का दूसरा युद्ध (1556) में हेमू की मृत्यु के बाद उत्तर प्रदेश अकबर के अधीन आ गया।
- आगरा का किला अकबर ने बनवाया।
- 1571 में फतेहपुर सीकरी की स्थापना की और इसे राजधानी बनाया।
- गुजरात विजय की याद में फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा बनवाया।
- बीरबल (कालपी से) और टोडरमल (सीतापुर से) अकबर के नवरत्नों में से थे।
- सिकंदरा (आगरा) में अपना मकबरा बनवाया।
जहाँगीर (1605-1627)
- शाही न्याय चाहने वालों के लिए आगरा किले में ज़ंजीर-ए-अदल (न्याय की श्रृंखला) की स्थापना की।
- अकबर का मकबरा और मरियम-उज़-ज़मानी का मकबरा बनवाया।
शाहजहाँ (1628-1658)
- 1631-32 में पुर्तगालियों को हराया। राजधानी आगरा से दिल्ली स्थानांतरित की।
- अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में आगरा में ताजमहल बनवाया।
- आगरा किले में मोती मस्जिद भी बनवाई।
औरंगजेब (1658-1707)
- छठा मुगल बादशाह। 1658 में धर्मत की लड़ाई और सामूगढ़ की लड़ाई में निर्णायक जीत हासिल की।
4. उत्तर प्रदेश: आधुनिक इतिहास
ब्रिटिश शासन की स्थापना
- 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य का विघटन हुआ, जिससे उत्तर प्रदेश में कुछ स्वतंत्र राज्य बने।
- पानीपत की तीसरी लड़ाई (1761) और बक्सर की लड़ाई (1764) ने उत्तरी भारत में सत्ता संतुलन बदल दिया।
- बक्सर की लड़ाई: हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया ने मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, अवध के नवाब शुजा-उद-दौला और बंगाल के नवाब मीर कासिम की संयुक्त सेना को हराया।
- इलाहाबाद की संधि (1765): रॉबर्ट क्लाइव ने अवध के नवाब और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय के साथ दो महत्वपूर्ण संधियाँ कीं, जिसके परिणामस्वरूप बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों पर ब्रिटिश नियंत्रण हो गया।
- 1856 में लॉर्ड डलहौजी ने कु-शासन के आरोप में अवध पर कब्जा कर लिया।
1857 के विद्रोह से पहले उत्तर प्रदेश में नागरिक विद्रोह
- गोरखपुर, बस्ती और बहराइच में नागरिक विद्रोह (1781): वारेन हेस्टिंग्स की इजारेदारी प्रथा के खिलाफ जमींदारों और किसानों का विद्रोह।
- अवध में नागरिक विद्रोह (1799): वजीर अली खान द्वारा ब्रिटिश रेजिडेंट जॉर्ज फ्रेडरिक चेरी की हत्या, जिसे बनारस के नरसंहार के नाम से जाना जाता है।
- बुंदेलखंड में अशांति (1808-12): बुंदेला प्रमुखों का ब्रिटिश विरोध।
- बरेली में उत्थान (1816): पुलिस कर लगाने के खिलाफ धार्मिक विद्रोह।
- हाथरस में विद्रोह (1817): दयाराम (अलीगढ़ जिले के तालुकदार) का बढ़ता राजस्व के खिलाफ विद्रोह।
- वहाबी आंदोलन: रायबरेली के सैयद अहमद द्वारा स्थापित एक इस्लामी पुनरुत्त्थानवादी आंदोलन।
1857 का विद्रोह और उत्तर प्रदेश
- तत्कालिक कारण: चर्बी वाले कारतूसों का उपयोग।
- शुरुआत: 26 फरवरी 1857 को बरहामपुर, 24 अप्रैल 1857 को मेरठ छावनी में सिपाहियों ने इनकार किया। 10 मई 1857 को मेरठ में तैनात भारतीय सेना ने विद्रोह किया और 11 मई को दिल्ली पहुंच गए।
- प्रसार: उत्तर भारत, मध्य भारत, राजस्थान तक फैला। दक्षिण में सीमित था। अवध और बुंदेलखंड सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र थे।
- विद्रोह के केंद्र और नेता:
- दिल्ली: बहादुर शाह जफर और बख्त खान (दमनकर्ता: निकोल्सन)
- कानपुर: नाना साहब (दमनकर्ता: कॉलिन कैंपबेल)
- लखनऊ: बेगम हजरत महल और बिरजिस कादर (दमनकर्ता: कॉलिन कैंपबेल)
- झाँसी: लक्ष्मीबाई (दमनकर्ता: ह्यू रोज़)
- आरा (बिहार): कुँवर सिंह (दमनकर्ता: विनसेंट आयर)
- इलाहाबाद: लियाकत अली (दमनकर्ता: कर्नल नील)
- बरेली: खान बहादुर (दमनकर्ता: कॉलिन कैंपबेल)
- विद्रोह 1858 तक संयुक्त प्रांत में समाप्त हो गया। 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग ने इलाहाबाद में महारानी विक्टोरिया की घोषणा पढ़ी, जिसके तहत शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश ताज को हस्तांतरित हुआ।
1857 के विद्रोह के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवाद का विकास
- राधास्वामी आंदोलन (1861): शिव दयाल सिंह द्वारा शुरू किया गया, सच्चा और पूर्ण मोक्ष का लक्ष्य।
- सर सैयद अहमद खान और अलीगढ़ आंदोलन: भारतीय मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा का प्रसार और सामाजिक सुधार।
- देवबंद आंदोलन या दारुल उलूम (1866): मोहम्मद कासिम नानोत्वी और रशीद अहमद गंगोही द्वारा स्थापित, कुरान और हदीस की शुद्ध शिक्षाओं का प्रचार।
- सेंट्रल हिंदू स्कूल (1898): एनी बेसेंट द्वारा बनारस में स्थापित, बाद में मदन मोहन मालवीय द्वारा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (1916) में विकसित।
कांग्रेस काल और उत्तर प्रदेश
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम् ने की थी।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 9 अधिवेशन 1885-1947 तक उत्तर प्रदेश में हुए:
| वार्षिक सत्र | स्थान | अध्यक्ष | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|---|
| 1888 | इलाहाबाद | जॉर्ज यूले | पहले अंग्रेज अध्यक्ष। |
| 1892 | इलाहाबाद | व्योमेश चंद्र बनर्जी | कांग्रेस ने 1892 के भारतीय परिषद अधिनियम की आलोचना की। |
| 1899 | लखनऊ | रमेश चंद्र दत्त | |
| 1905 | वाराणसी | गोपाल कृष्ण गोखले | 'उदारवादी' और 'उग्रवादी' के बीच विभाजन की शुरुआत। |
| 1910 | इलाहाबाद | विलियम वेडरबर्न | |
| 1916 | लखनऊ | अंबिका चरण मजूमदार | नरमपंथियों और उग्रवादियों का एकीकरण, कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता। |
| 1925 | कानपुर | सरोजनी नायडू | कांग्रेस की अध्यक्षता करने वाली पहली भारतीय महिला। |
| 1936 | लखनऊ | पंडित जवाहरलाल नेहरू | |
| 1946 | मेरठ | जेबी कृपलानी |
उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन
- उत्तर प्रदेश किसान सभा (1918): गौरी शंकर मिश्र, इंद्र नारायण द्विवेदी और मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से।
- अवध किसान सभा (1920): बाबा रामचंद्र द्वारा प्रतापगढ़ में आयोजित। शोषणकारी जमींदारी व्यवस्था को चुनौती दी।
- एका आंदोलन (1921-22): लखनऊ में शुरू हुआ, हरदोई, सीतापुर और उन्नाव जिलों में फैला। मदारी पासी ने नेतृत्व किया।
- अखिल भारतीय किसान सभा (1936): लखनऊ में गठित, स्वामी सहजानंद सरस्वती अध्यक्ष, एन.जी. रंगा सचिव।
उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण घटनाएँ (स्वतंत्रता संग्राम)
- खिलाफत आंदोलन (1920): 20 जून 1920 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में खिलाफत समिति की बैठक इलाहाबाद में हुई।
- असहयोग आंदोलन (1920-22): चौरी चौरा घटना (4 फरवरी, 1922) - गोरखपुर में हिंसक भीड़ द्वारा पुलिस स्टेशन जलाया गया, जिससे गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया।
- स्वतंत्र दल (1923): मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास द्वारा स्वराज पार्टी की स्थापना के बाद, सी.आर. दास की मृत्यु के बाद मदन मोहन मालवीय और लाला लाजपत राय द्वारा 'स्वतंत्र दल' का गठन।
- क्रांतिकारी आंदोलन:
- हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन/आर्मी (HRA) (1924): रामप्रसाद बिस्मिल, जोगेश चंद्र चटर्जी और सचिन सान्याल ने कानपुर में स्थापना की।
- काकोरी डकैती (9 अगस्त, 1925): HRA की महत्वपूर्ण गतिविधि। बिस्मिल, अशफाकउल्ला, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी को फांसी दी गई। 'काकोरी डकैती' का नाम बदलकर 'काकोरी ट्रेन एक्शन' कर दिया गया है।
- चंद्रशेखर आज़ाद: काकोरी ट्रेन डकैती में शामिल थे। 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो गई।
- मेरठ षड्यंत्र कांड (1929): 31 श्रमिक नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
- सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930): दांडी मार्च के बाद शुरू हुआ। उत्तर प्रदेश में जमींदारों द्वारा राजस्व देने से इनकार का अभियान चला। जवाहरलाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत, पुरुषोत्तम दास टंडन ने नेतृत्व किया।
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942): 8 अगस्त 1942 को प्रस्ताव पारित हुआ। वाराणसी के धानापुर गांव से चिंगारी उठी। बलिया में चित्तू पांडे के नेतृत्व में एक सप्ताह के लिए समानांतर सरकार का गठन हुआ।
5. उत्तर प्रदेश: कला एवं संस्कृति
बौद्ध वास्तुकला
- धमेक स्तूप: सारनाथ में स्थित, मौर्य सम्राट अशोक द्वारा निर्मित एक पुरानी संरचना के स्थान पर 500 ई.पू. में बनाया गया। यहीं बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।
- धर्मराजिका स्तूप: अशोक-पूर्व के कुछ बचे हुए स्तूपों में से एक (सारनाथ)।
- चौखंडी स्तूप: सारनाथ में स्थित, गुप्त काल में (चौथी-छठी शताब्दी) बुद्ध और उनके पहले शिष्यों के मिलन स्थल को चिह्नित करने के लिए बनाया गया।
- अशोक स्तंभ (अशोक की सिंह राजधानी): सारनाथ में मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया। भारत का राष्ट्रीय प्रतीक।
मंदिर वास्तुकला
- दशावतार मंदिर, देवगढ़: 500 ईस्वी में बना, भगवान विष्णु को समर्पित। उत्तर भारत का सबसे पुराना ज्ञात पंचायतन मंदिर। शिखर वास्तुकला पहली बार यहीं पेश की गई थी।
- भीतरगाँव मंदिर, कानपुर: 6वीं शताब्दी में गुप्त साम्राज्य के दौरान बना, छत और ऊँचे शिखर वाला सबसे पुराना जीवित टेराकोटा हिंदू मंदिर।
इंडो-इस्लामिक वास्तुकला
- ताजमहल: आगरा में यमुना नदी के तट पर स्थित। बादशाह शाहजहाँ द्वारा अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में 1632-1648 में निर्मित। उस्ताद-अहमद लाहौरी मुख्य वास्तुकार।
- आगरा का किला: 1573 ई. में सम्राट अकबर द्वारा निर्मित। इसमें मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास शामिल हैं।
- फतेहपुर सीकरी: 1571-1585 के बीच अकबर द्वारा निर्मित। हिंदू और मुस्लिम वास्तुकला का सर्वोत्तम उदाहरण।
- आसफ़ी इमामबाड़ा (बड़ा इमामबाड़ा): लखनऊ में 1784 में नवाब आसफ-उद-दौला द्वारा निर्मित। दुनिया का सबसे बड़ा गुंबददार कक्ष। रूमी दरवाजा भी यहीं है।
- सलीम चिश्ती का मकबरा: फतेहपुर सीकरी में सूफी संत सलीम चिश्ती का मकबरा। अकबर द्वारा निर्मित।
- खुसरो बाग: प्रयागराज में स्थित, जहाँगीर की राजपूत पत्नी शाह बेगम, खुसरो मिर्ज़ा और निथार बेगम की कब्रें हैं।
यूपी की औपनिवेशिक वास्तुकला
- मेयो मेमोरियल हॉल (प्रयागराज, 1879), ऑल सेंट्स कैथेड्रल (प्रयागराज, 1871, गॉथिक शैली), वाराणसी में संस्कृत महाविद्यालय, राजभवन (लखनऊ), विधान भवन (लखनऊ), बेगम समरू चर्च (सरधना, मेरठ)।
मथुरा स्कूल ऑफ आर्ट
- कुषाण काल में मथुरा कला अपने शिखर पर पहुंची। बुद्ध की मानवरूपी छवि का विकास।
- बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म के चित्र। बड़ी छवियों का आयतन।
- मूर्तियां बनाने के लिए अधिकतर चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर का उपयोग किया जाता था।
उत्तर प्रदेश में चित्रकला
- मिर्ज़ापुर चित्रकला: प्रागैतिहासिक काल की, लखनियां दरी की गुफाओं (मिर्ज़ापुर, सोनभद्र) से प्राप्त। उत्सव, नृत्य, युद्ध और शिकार के दृश्य।
- मुगल चित्रकला: इसे चित्रकला की आगरा शैली के नाम से भी जाना जाता है। जहांगीर के शासनकाल में चित्रकला अपने चरम पर पहुंची।
- बुंदेला चित्रकला: राजपूत चित्रकला शैली से संबंधित। जीवन के सभी पहलुओं को शामिल करती थी।
- ब्रज चित्रकला: इसे चित्रकला की मथुरा शैली के नाम से भी जाना जाता है। भगवान कृष्ण के जीवन के दृश्यों को दर्शाती है।
- राजपूत चित्रकला: कन्नौज और बुंदेलखंड के चंदेल राजाओं ने विकसित किया। प्रेम कहानियों, धार्मिक रीति-रिवाजों पर आधारित।
- जैन चित्रकला: मथुरा क्षेत्र में विकसित। कागज पर बनाई जाने वाली चित्रकारी सबसे पहले जैन चित्रकला शैलियों में शुरू हुई।
यूपी में शिल्प
- चिकनकारी: लखनऊ में प्रचलित हस्तशिल्प का रूप, शिफॉन, मलमल आदि कपड़ों पर किया जाता है।
- जरदोज़ी: लखनऊ में प्रसिद्ध धातु-धागे की कढ़ाई। वाराणसी का ज़री का काम भी प्रसिद्ध है।
- कालीन बुनाई: उत्तर प्रदेश देश की 90% कालीनों की आपूर्ति करता है। मुख्य केंद्र मिर्ज़ापुर और भदोही।
- धातु के बर्तन: मुरादाबाद अपने कला धातु कर्म के लिए प्रसिद्ध है।
- मिट्टी के बर्तन: खुर्जा, चुनार और रामपुर में सफेद पृष्ठभूमि और नीले-हरे रंग के पैटर्न वाले चमकदार मिट्टी के बर्तन। निजामाबाद काली मिट्टी के बर्तनों के लिए प्रसिद्ध है।
- टेराकोटा: गोरखपुर में जानवरों की मिट्टी की आकृतियाँ बनाई जाती हैं, विशेषकर टेराकोटा घोड़े।
कला और शिल्प संस्थान:
- कला एवं शिल्प महाविद्यालय (लखनऊ, 1911)
- भारतीय ललित कला परिषद (वाराणसी, 1920)
- लखनऊ नगर निगम आर्ट गैलरी (1949)
- भारत कला भवन (वाराणसी, 1920)
- राज्य ललित कला अकादमी (लखनऊ, 1962)
यूपी के संग्रहालय
- इलाहाबाद संग्रहालय (1931 स्थापित)
- विधि संग्रहालय और अभिलेखागार (प्रयागराज, 1966)
- लखनऊ में राज्य संग्रहालय (सबसे पुराना और सबसे बड़ा, 1863 स्थापित)
- थारू जनजाति संग्रहालय (बलरामपुर, पहला जनजातीय संग्रहालय)
- राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर (1987)
- झांसी संग्रहालय
- 1857 मेमोरियल संग्रहालय, लखनऊ
- राष्ट्रीय दलित स्मारक (नोएडा, 2011)
उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार:
- हिंदू और संस्कृत पांडुलिपियाँ, उर्दू पांडुलिपियाँ (तवारीख-ए-बुलंद शाह - उर्दू भाषा में इतिहास की पहली पुस्तक), फारसी पांडुलिपियाँ।
उत्तर प्रदेश का पुरातत्व
- अहिच्छत्र (बरेली): उत्तरी पांचाल की प्राचीन राजधानी।
- हस्तिनापुर (मेरठ): महाभारत काल के कौरवों की राजधानी। तीन जैन तीर्थंकरों से संबंधित।
- कन्नौज (फर्रुखाबाद): प्राचीन शहर, जिसे कान्यकुब्ज, महोदय आदि नाम से जाना जाता था।
- मथुरा: यमुना किनारे स्थित, कला संग्रहों और पुरातत्वविदों को आकर्षित किया।
- सारनाथ (वाराणसी): बुद्ध ने अपना पहला उपदेश यहीं दिया था।
- श्रावस्ती (गोंडा-बहराइच): प्राचीन कोसल की राजधानी, बुद्ध और महावीर के जीवन से संबंधित।
उत्तर प्रदेश के मेले और त्यौहार
- कुंभ और अर्ध कुंभ: प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर आयोजित। 2017 में यूनेस्को ने कुंभ मेले को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया।
- कांपिल मेला, कांपिल: एक जैन मेला, कासगंज तहसील के कांपिल्या गांव में आयोजित। 13वें तीर्थंकर ब्राह्मण विमलनाथ की जन्मस्थली।
- रामलीला: भगवान राम की कहानी पर आधारित।
- जन्माष्टमी मेला, मथुरा: भगवान कृष्ण के जन्म का जश्न मनाता है।
अन्य महत्वपूर्ण मेले:
- बटेश्वर मेला, कैलाश मेला, रामबारात (आगरा)
- देवा शरीफ मेला (बाराबंकी)
- गंगा महोत्सव (वाराणसी)
- बरसाना होली (मथुरा)
उत्तर प्रदेश में संगीत
- दरबारी संगीत (आगरा, फतेहपुर-सीकरी, लखनऊ, जौनपुर, वाराणसी) और भक्ति परंपरा (मथुरा, वृंदावन, अयोध्या) से समृद्ध।
- हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत: उत्तरी भारत का शास्त्रीय संगीत। वीणा, सितार, सरोद जैसे वाद्य यंत्र। 12वीं शताब्दी ईसा पूर्व में गंगा-जमुनी तहजीब में उत्पन्न।
- प्रमुख शैलियाँ: ध्रुपद (पुरुष गायकों द्वारा प्रस्तुत, तानसेन प्रमुख गायक), ख्याल (आधुनिक भारतीय रूप, अमीर खुसरो द्वारा उत्पन्न), ठुमरी (अर्ध-शास्त्रीय गायन, नवाब वाजिद अली शाह के दरबार में उत्पन्न)।
- घज़ल: मुगल शासन के दौरान फारसी गज़ल उर्दू भाषा में सबसे आम काव्य रूप बन गई। अमीर खुसरो पहले प्रतिपादकों में से एक।
हिंदुस्तानी संगीत से जुड़े घराने:
- आगरा घराना (सुजान सिंह संस्थापक)
- बनारस घराना (जानकी प्रसाद ने विकसित किया, सितारा देवी प्रमुख प्रतिपादक)
- लखनऊ घराना (नवाब वाजिद अली शाह का योगदान, पं. बिरजू महाराज प्रमुख प्रतिपादक)
यूपी में नृत्य
- कथक: उत्तर प्रदेश का एक शास्त्रीय नृत्य। 7वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान उत्तरी भारत में उत्पन्न। हाथ और पैरों की जटिल आकृति और चेहरे के भाव शामिल। तीन घरानों में पाया जाता है: जयपुर, बनारस, लखनऊ।
- अन्य नृत्य रूप:
- नौटंकी: सबसे लोकप्रिय नृत्य रूप, कहानी गायन और नृत्य के साथ।
- रामलीला: भगवान राम के जीवन से संबंधित।
- ब्रज रासलीला: भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ा।
- चरकुला: महिला नर्तक अपने सिर पर जलते हुए दीपक के पिंजरे को संतुलित करती हुई नृत्य करती है।
- कजरी नृत्य: वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ, विवाहित बेटियाँ अपने माता-पिता के घर लौटती हैं।
- छपेली नृत्य: एका (मिलन) की सुखद यादें और अलगाव के क्षणों का वर्णन।
उत्तर प्रदेश की भाषा एवं साहित्य
- भाषाएँ: हिंदी, उर्दू, संस्कृत, हिंदुस्तानी, ब्रज भाषा, अंग्रेजी, अवधी, बघेली, भोजपुरी, बुंदेली, कन्नौजी।
- प्रमुख लेखक और कवि:
- कबीर (बीजक)
- अश्वघोष (बुद्धचरित)
- बाणभट्ट (हर्षचरित, कादंबरी)
- भरतेंदु हरिश्चंद्र (वैदिक हिंसा न भवति, सत्य हरिश्चंद्र, भारत दुर्दशा)
- मुंशी प्रेमचंद (प्रेमाश्रम, रंगभूमि, गबन, कर्मभूमि, गोदान)
- महादेवी वर्मा (अतीत के चलचित्र, पथ के साथी, गिल्लू)
- फिराक गोरखपुरी, जोश मलीहाबादी, अकबर प्रयागराजी (उर्दू शायरी)
6. उत्तर प्रदेश: भूगोल
उत्तर प्रदेश भारत के उत्तर-मध्य में स्थित एक सीमांत राज्य है। यह 23°52' से 30°24' उत्तरी अक्षांश और 77°05' से 84°38' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। इसकी लंबाई पूर्व से पश्चिम तक 650 कि.मी. और दक्षिण से उत्तर तक 240 कि.मी. है।
यूपी की भू-वैज्ञानिक संरचना
- मुख्यतः तलछटी चट्टान संरचनाओं से बनी है।
- वर्तमान भू-वैज्ञानिक संरचना गोंडवाना का हिस्सा है, जो भारत का सबसे पुराना भू-भाग है।
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक मंडल
भांभर एवं तराई क्षेत्र
भांभर: हिमालय की तलहटी के आधार पर छिद्रपूर्ण और चट्टानी मिट्टी का संकीर्ण क्षेत्र। कृषि के लिए उपयुक्त नहीं। जिले: बिजनौर, लखीमपुर खीरी, शाहजहाँपुर, पीलीभीत।
तराई: भांभर के दक्षिण में स्थित, उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, आर्द्रभूमि, दलदल और घने जंगल। जिले: सहारनपुर, बिजनौर, गोरखपुर, देवरिया, गोंडा, बस्ती, पीलीभीत, बहराइच, लखीमपुर खीरी।
गंगा का मैदान
गंगा और यमुना द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से निर्मित। त्रिवेणी संगम (प्रयागराज) में गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम।
बांगर क्षेत्र: पुराने जलोढ़ मैदान, कम उपजाऊ।
खादर क्षेत्र: नए जलोढ़ मैदान, व्यापक खेती के लिए उपयुक्त, चूना, पोटाश, मैग्नीशियम और कार्बनिक पदार्थ प्रचुर।
दक्षिण का पठारी क्षेत्र
बुंदेलखंड पठार के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन नीस चट्टानों से बना। लाल और काली मिट्टी का मिश्रण। प्रमुख फसलें: गेहूं, ज्वार, बाजरा, चना।
उत्तर प्रदेश की जल निकासी व्यवस्था
- गंगा नदी प्रणाली: गंगोत्री ग्लेशियर से उद्गम। बिजनौर के निकट राज्य में प्रवेश करती है। उत्तर प्रदेश के 28 जिलों से होकर गुजरती है।
- दाहिने किनारे की सहायक नदियाँ: यमुना (यमुनोत्री हिमनद से, सबसे बड़ी सहायक नदी, प्रयागराज में गंगा से मिलती है। सहायक नदियाँ: चंबल, बेतवा, सिंध, केन), सोन (अमरकंटक पठार से, मिर्ज़ापुर और सोनभद्र में बहती है), कर्मनाशा (कैमूर पहाड़ियों से, यूपी-बिहार सीमा नदी)।
- बाएं तट की सहायक नदियाँ: रामगंगा (दुधाटोली पहाड़ी से, बिजनौर में प्रवेश), गोमती नदी (पीलीभीत के निकट गोमत ताल/फुलहर झील से उद्गम, लखनऊ इसी के तट पर), घाघरा नदी (तिब्बत में मानसरोवर झील से), गंडक नदी (तिब्बत पठार से), वरुणा नदी (प्रयागराज से)।
- यमुना नदी की सहायक नदियाँ: चंबल (विंध्य रेंज से, इटावा के पास यमुना में मिलती है), बेतवा (विंध्य पर्वत श्रृंखला से, हमीरपुर के पास यमुना में मिलती है), हिंडन (सहारनपुर से उद्गम, नोएडा के पास यमुना में मिलती है), सिंध नदी (विंध्य पर्वतमाला से), केन नदी (मैकाल श्रेणी से)।
उत्तर प्रदेश में वन और मिट्टी
वन के प्रकार:
- उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन: मैदान के प्रमुख भागों और आमतौर पर पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में पाए जाते हैं। (साल, पलास, अमरलतास, नीम, पीपल)।
- उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन: भांभर और तराई क्षेत्रों में (100-150 सेमी वर्षा)। (साल, बेल, अंजीर, महुआ)।
- उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन: राज्य के दक्षिणी भाग में (50-75 सेमी वर्षा)। (बबूल, कांटेदार फलियां)।
मृदा के प्रकार:
- भांभर और तराई क्षेत्र की मृदा: भांभर की मिट्टी उथली, कंकड़-पत्थर युक्त, कृषि के लिए उपयुक्त नहीं। तराई की मिट्टी कार्बनिक पदार्थ और नाइट्रोजन से समृद्ध, सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त।
- गंगा के मैदानों की मृदा: जल धारण क्षमता अच्छी।
- बांगर मृदा: पुरानी जलोढ़, कम उपजाऊ।
- खादर मृदा: नई जलोढ़, अत्यधिक उपजाऊ, चूना, पोटाश, मैग्नीशियम, कार्बनिक पदार्थ प्रचुर।
- दक्षिणी पठार की मृदा: पहाड़ी इलाके और शुष्क परिस्थितियाँ। मिट्टी लाल और काली रंग का मिश्रण।
- लाल मृदा: लौह ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण लाल रंग। (प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, झांसी)।
- काली मृदा या रेगुर मृदा: पश्चिमी जिले और बुंदेलखंड क्षेत्र (मिर्ज़ापुर, झांसी)।
- परवा मृदा: हरे लाल-भूरे रंग की बलुई दोमट मिट्टी। (हमीरपुर, जालौन)।
- मार मृदा: काला रंग, चिकनी मिट्टी, कम उपजाऊ।
- राकर मृदा: पहाड़ी और पठारी क्षेत्रों के ढलान वाले क्षेत्र।
- मोंटा मृदा: लाल रंग, बाजरा जैसे अनाज के लिए उपयुक्त।
उत्तर प्रदेश की जलवायु
- मुख्य रूप से दो जलवायु क्षेत्रों में विभाजित: आर्द्र एवं उष्णकटिबंधीय क्षेत्र (तराई, पूर्वी उत्तर प्रदेश) और मध्यम आर्द्र और उष्णकटिबंधीय क्षेत्र (केंद्रीय मैदान, पश्चिमी मैदान, बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र)।
- ऋतुएँ:
- सर्दी (दिसंबर से फरवरी): ठंडी, औसत तापमान 5°-15°C, पश्चिमी विक्षोभ से वर्षा।
- ग्रीष्म ऋतु (मार्च से जून): गर्म और शुष्क, औसत तापमान 30°-45°C, स्थानीय पवन 'लू'।
- मानसून (जुलाई से सितंबर): दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं से भारी वर्षा (800-1200 मिमी), पूर्वी और दक्षिणपूर्वी क्षेत्रों में अधिक वर्षा।
- मानसून के बाद (अक्टूबर और नवंबर): सुखद संक्रमण काल।
उत्तर प्रदेश के कृषि-जलवायु क्षेत्र
- भारत में 15 कृषि-जलवायु क्षेत्र हैं, उत्तर प्रदेश को 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
- प्रमुख क्षेत्र और फसलें:
- भांभर एवं तराई क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- मध्य पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- दक्षिण पश्चिमी अर्ध शुष्क क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- केंद्रीय मैदानी क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- बुंदेलखंड क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- पूर्वी मैदानी क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
- विंध्य क्षेत्र (चावल, गेहूं, गन्ना)
उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलें
झीलें और स्थान
रामगढ़ ताल (गोरखपुर), बखिरा झील (संत कबीर नगर), नवाबगंज झील (उन्नाव), पयाग झील (बहराइच), पार्वती अरगा झील (गोंडा), सुरहा ताल (बलिया), रामताल (मेरठ), कीठम झील (आगरा), शेखा झील (अलीगढ़), गोविंद बल्लभ पंत सागर (कृत्रिम झील, सोनभद्र), अयोध्या ताल (वाराणसी), लक्ष्मी ताल (झांसी), मदन सागर (महोबा), पनगैली फुलहर/गोमती ताल (पीलीभीत)।
उत्तर प्रदेश में सिंचाई के स्रोत
| स्रोत | प्रतिशत क्षेत्र |
|---|---|
| ट्यूबवेल | 74.9% |
| नहरें | 15.2% |
| वेल्स (कुएं) | 8.8% |
| तालाब, झीलें | 0.5% |
| अन्य | 0.6% |
ट्यूबवेल सिंचाई: 1930 में पहला ट्यूबवेल खोदा गया। मेरठ, फिरोजाबाद, इटावा, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और अलीगढ़ में प्रमुख।
नहर सिंचाई: राज्य के कुल नहर सिंचित क्षेत्र का 30.91%। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, मेरठ और गाजियाबाद प्रमुख जिले।
प्रमुख नहरें और लाभांवित क्षेत्र:
- पूर्वी यमुना नहर: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद।
- ऊपरी गंगा नहर: हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, आगरा।
- आगरा नहर प्रणाली: हरियाणा, यूपी, राजस्थान के जिले।
- निचली गंगा नहर: अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, इटावा, कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर, प्रयागराज।
- रिहंद घाटी परियोजना: मिर्ज़ापुर, सोनभद्र, वाराणसी, प्रयागराज।
- शारदा नहर प्रणाली: नैनीताल, पीलीभीत, बरेली, लखीमपुर खीरी, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, प्रयागराज।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख बांध एवं बैराज
बांध/बैराज
अधवा बांध (अधवा नदी, मिर्ज़ापुर)
अर्जुन बांध (अर्जुन नदी, महोबा)
चंद्र प्रभा बांध (चंद्रप्रभा, चंदौली)
धंधरौल बांध (घाघर, सोनभद्र)
माटाटीला बांध (बेतवा, ललितपुर)
ओबरा बांध (रिहंद, सोनभद्र)
राजघाट बांध (बेतवा, ललितपुर)
रिहंद बांध (रिहंद, सोनभद्र)
शारदा सागर बांध (शारदा, पीलीभीत)
सुकमा डुकमा बांध (बेतवा, झांसी)
हथनीकुंड बैराज (यमुना, सहारनपुर)
गोकुल बैराज (यमुना, मथुरा)
लव-कुश बैराज (गंगा, कानपुर)
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधन
ताप विद्युत उत्पादन:
- हरदुआगंज थर्मल पावर स्टेशन (अलीगढ़, 1942, राज्य का सबसे पुराना)
- परीछा तापीय परियोजना (झांसी, 640 मेगावाट)
- ओबरा थर्मल पावर स्टेशन (सोनभद्र, 1967-71, सोवियत संघ की मदद से)
- अनपरा 'ए' और 'डी' थर्मल पावर स्टेशन (सोनभद्र)
- पनकी विस्तार तापीय परियोजना (कानपुर, 210 मेगावाट)
- निजी क्षेत्र की इकाइयाँ: रोजा थर्मल पावर प्रोजेक्ट (शाहजहाँपुर), बारा (संगम) थर्मल पावर स्टेशन (प्रयागराज), ललितपुर थर्मल पावर स्टेशन (ललितपुर)।
जल-विद्युत उत्पादन:
- रिहंद बांध जलविद्युत परियोजना (सोनभद्र)
- ओबरा हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन (सोनभद्र)
- ऊपरी गंगा नहर पर स्थित गंगा विद्युत प्रणाली
- पूर्वी यमुना नहर जलविद्युत परियोजना
- शीतला जल विद्युत परियोजना (झांसी)
- खारा जलविद्युत परियोजना (सहारनपुर)
एनटीपीसी केंद्र:
- अनपरा (बरेली), औरैया, रिहंद (सोनभद्र), टांडा (अंबेडकरनगर), ऊंचाहार (रायबरेली), सिंगरौली (सोनभद्र), दादरी (गौतमबुद्धनगर)।
परमाणु शक्ति:
- नरौरा (बुलंदशहर): 220-220 मेगावाट क्षमता के दो परमाणु रिएक्टर। पहला जनवरी 1991, दूसरा जुलाई 1992।
बायोगैस और बायोमास पावर:
- दहन आधारित बायोमास विद्युत परियोजना: गाजीपुर, मथुरा, कानपुर।
- खोई आधारित विद्युत परियोजनाएँ: विभिन्न चीनी मिलों में।
सौर ऊर्जा:
- ग्रिड कनेक्टेड सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट: सरायसादी (मऊ), कल्याणपुर (अलीगढ़), हरैया (बस्ती)।
- आदित्य सोलर शॉप योजना।
- सोलर सिटी कार्यक्रम: आगरा, प्रयागराज और मुरादाबाद को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
7. उत्तर प्रदेश: पर्यावरण
भारत राज्य वन स्थिति रिपोर्ट [ISFR], 2021
- भारतीय वन सर्वेक्षण (देहरादून) द्वारा हर दो वर्ष में जारी की जाती है। ISFR, 2021 17वीं रिपोर्ट है।
- उत्तर प्रदेश में वन एवं वृक्ष आवरण:
- वन आवरण: 14817.89 वर्ग कि.मी. (6.15% भौगोलिक क्षेत्र), 12.24 वर्ग कि.मी. की वृद्धि (2019 से)।
- वृक्ष आवरण: 7421.00 वर्ग कि.मी. (3.08% भौगोलिक क्षेत्र), 79 वर्ग कि.मी. की वृद्धि।
- कुल: 22238.89 वर्ग कि.मी. (9.23% भौगोलिक क्षेत्र), 91.24 वर्ग कि.मी. की कुल वृद्धि।
जिलों में वन आवरण (क्षेत्रवार):
- शीर्ष पाँच जिले: सोनभद्र (2436.75 वर्ग कि.मी.), लखीमपुर खीरी, मिर्ज़ापुर, पीलीभीत, चित्रकूट।
- निचले पाँच जिले: संत रविदास नगर (3.71 वर्ग कि.मी.), मऊ, मैनपुरी, संत कबीर नगर, देवरिया।
जिलों में वन आवरण (प्रतिशत के अनुसार):
- शीर्ष पाँच जिले: सोनभद्र (35.29%), चंदौली, चित्रकूट, पीलीभीत, श्रावस्ती।
- निचले पाँच जिले: संत रविदास नगर (0.37%), मैनपुरी, देवरिया, बदायूँ, मऊ।
यूपी की प्रमुख प्रजातियों की आईयूसीएन स्थिति (संकटग्रस्त प्रजातियाँ)
भारतीय गैंडा
तराई क्षेत्र का मूल निवासी, असुरक्षित (IUCN स्थिति)। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान महत्वपूर्ण गढ़।
घड़ियाल
गंभीर रूप से लुप्तप्राय (IUCN स्थिति), चंबल और घाघरा नदियों में पाया जाता है।
बंगाल टाइगर
पीलीभीत टाइगर रिजर्व और दुधवा नेशनल पार्क में, लुप्तप्राय (IUCN स्थिति)।
भारतीय पैंगोलिन
लुप्तप्राय, अवैध वन्यजीव व्यापार से खतरा।
सारस क्रेन
यूपी का राज्य पक्षी, असुरक्षित।
भारतीय गिद्ध प्रजातियाँ
गंभीर रूप से लुप्तप्राय (2002 से IUCN रेड लिस्ट में)।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी, यूपी के घास के मैदानों में।
गंगा नदी डॉल्फिन
लुप्तप्राय मीठे पानी की डॉल्फिन, गंगा और सहायक नदियों में।
उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य
- राष्ट्रीय उद्यान: दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान, लखीमपुर खीरी जिला)।
- वन्यजीव अभयारण्य:
- चंद्र प्रभा अभयारण्य (चंदौली, 1957)
- हस्तिनापुर अभयारण्य (मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बिजनौर, ज्योतिबा फुले नगर, 1986)
- कछुआ अभयारण्य (वाराणसी, 1989)
- कैमूर अभयारण्य (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र, 1982)
- कतरनियाघाट अभयारण्य (बहराइच, 1976)
- किशनपुर अभयारण्य (लखीमपुर खीरी, 1972)
- महावीर स्वामी अभयारण्य (ललितपुर, 1977)
- राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (आगरा और इटावा, 1979)
- रानीपुर अभयारण्य (बाँदा और चित्रकूट, 1977)
- सोहागी बरवा अभयारण्य (महाराजगंज, 1987)
- सुहेलवा अभयारण्य (बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, 1988)
यूपी के टाइगर रिजर्व
- दुधवा टाइगर रिजर्व: लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में। इसमें दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, किशनपुर और कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं।
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में। 2014 में अधिसूचित।
- अमनगढ़ टाइगर रिजर्व: बिजनौर में। 2012 में अधिसूचित। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का बफर क्षेत्र।
- रानीपुर टाइगर रिजर्व: चित्रकूट जिले में। सितंबर 2022 में अधिसूचित, भारत का 53वां बाघ अभयारण्य।
यूपी में पक्षी अभयारण्य:
- बखिरा पक्षी विहार (संत कबीर नगर, 1980)
- डॉ. भीमराव अंबेडकर पक्षी अभयारण्य (प्रतापगढ़, 2003)
- जय प्रकाश नारायण (सुरहा ताल) पक्षी अभयारण्य (बलिया, 1991)
- लाख बहोसी पक्षी अभयारण्य (सबसे बड़ा, कन्नौज, 1989)
- नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (सबसे पुराना, उन्नाव, 1984)
- ओखला पक्षी अभयारण्य (गौतमबुद्धनगर, 1990)
- पटना पक्षी अभयारण्य (सबसे छोटा, एटा, 1991)
- समसपुर पक्षी अभयारण्य (रायबरेली, 1987)
- सांडी पक्षी अभयारण्य (हरदोई, 1990)
- सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य (आगरा, 1991)
- शेखा पक्षी अभयारण्य (अलीगढ़, 2016)
उत्तर प्रदेश में रामसर साइट
- रामसर संधि: आर्द्रभूमियों के संरक्षण और कुशल उपयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संधि (2 फरवरी 1971)। 2 फरवरी 'विश्व वेटलैंड दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
- उत्तर प्रदेश में दस रामसर साइटें हैं। भारत में कुल 75 रामसर साइटें हैं (तमिलनाडु 14 के साथ शीर्ष पर)।
- यूपी की पहली रामसर साइट: ब्रजघाट से नरोरा तक फैली ऊपरी गंगा नदी (2005)।
- अन्य प्रमुख रामसर साइटें: सांडी पक्षी अभयारण्य (हरदोई), सरसई नावर झील (इटावा), समसपुर पक्षी अभयारण्य (रायबरेली), समन पक्षी अभयारण्य (मैनपुरी), सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य (आगरा), नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (उन्नाव), पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य (गोंडा), बखिरा वन्यजीव अभयारण्य (संत कबीर नगर), हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर और बिजनौर)।
8. उत्तर प्रदेश: अर्थव्यवस्था
उत्तर प्रदेश, भारत का चौथा सबसे बड़ा और सबसे अधिक आबादी वाला राज्य, कृषि, उद्योग और सेवाओं द्वारा संचालित एक विविध अर्थव्यवस्था है।
अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताएं:
- कृषि: लगभग 65% आबादी कृषि पर निर्भर है। 2017-18 के दौरान, उत्तर प्रदेश देश में सब्जियों का सबसे बड़ा उत्पादक बना। भारत का लगभग 90% मेंथा ऑयल यहीं उत्पादित होता है।
- दुग्ध उद्योग: दूध उत्पादन 2017-18 में 290.517 लाख टन से बढ़कर 2021-22 में 328.821 लाख टन हो गया। ग्रीनफील्ड डेयरी संयंत्र वाराणसी, लखनऊ और कानपुर में स्थापित।
- मत्स्य पालन उद्योग: गंगा नदी प्रणाली में लगभग 200 प्रजातियाँ। मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा प्रदान किया गया।
- विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्र: कानपुर, आगरा, लखनऊ और नोएडा में महत्वपूर्ण औद्योगिक क्लस्टर। भारत में 14.2% योगदान देने वाला सबसे बड़ा एमएसएमई आधार।
उत्तर प्रदेश में उद्योग (एक नज़र में)
| उद्योग | स्थान |
|---|---|
| हथकरघा एवं हस्तशिल्प | भदोही, मऊ, आजमगढ़, टांडा, मेरठ, इटावा, मुरादाबाद, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, बरेली, लखनऊ |
| कपड़ा | कानपुर, वाराणसी, भदोही, मेरठ, आगरा |
| खाद्य प्रसंस्करण | लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, सहारनपुर, आगरा, मेरठ |
| चमड़ा | कानपुर, आगरा, उन्नाव, झांसी, वाराणसी |
| रसायन | कानपुर, मथुरा, प्रयागराज, गोरखपुर, गाजियाबाद, वाराणसी |
| दवाइयां | लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी, प्रयागराज |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | नोएडा, ग्रेटर नोएडा, साहिबाबाद, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज |
| ऑटोमोबाइल | नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, आगरा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज |
| कालीन | मिर्ज़ापुर, भदोही, वाराणसी, आगरा, जौनपुर |
| कांच के बने पदार्थ | फिरोजाबाद, अलीगढ़ |
| ताले और हार्डवेयर | अलीगढ़ |
| खेल | मेरठ, कानपुर और आगरा |
| कृषि आधारित | सहारनपुर, बरेली, पीलीभीत |
| सीमेंट | मिर्ज़ापुर |
| चिकनकारी कढ़ाई | लखनऊ |
| खुर्जा पॉटरी | बुलंदशहर |
| पीतल का काम | मुरादाबाद |
| इत्र और सुगंध | कन्नौज, गाजीपुर, जौनपुर, लखनऊ, प्रयागराज |
| कांच और चूड़ियाँ | फिरोजाबाद |
| लकड़ी और फर्नीचर | हाथरस, वाराणसी, सहारनपुर, बरेली |
| सिगरेट उद्योग | सहारनपुर, गाजियाबाद |
| खनिज एवं भारी उद्योग | सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, गाजियाबाद, कानपुर, गौतम बुद्ध नगर, लखनऊ, बलरामपुर |
उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (UPGIS) 2023
- 10-12 फरवरी 2023 को लखनऊ में आयोजित। उत्तर प्रदेश सरकार का प्रमुख निवेश शिखर सम्मेलन।
उत्तर प्रदेश बजट 2023-24
- 22 फरवरी, 2023 को वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत।
- बजट का आकार: 6.90 लाख करोड़ रुपये। इसे ''नये उत्तर प्रदेश'' का बजट कहा जा रहा है।
- सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP): 2023-24 के लिए 24,39,171 करोड़ रुपये अनुमानित (19% वृद्धि)।
- राजस्व अधिशेष: GSDP का 2.8% (68,512 करोड़ रुपये)।
- राजकोषीय घाटा: GSDP का 3.5% (84,883 करोड़ रुपये)।
उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधन
| खनिज पदार्थ | जिले का नाम |
|---|---|
| हीरा | बाँदा, मिर्ज़ापुर |
| सोना | शारदा एवं रामगंगा की श्रेणी में परसी क्षेत्र (सोनभद्र), बेरवार (ललितपुर) |
| यूरेनियम | ललितपुर |
| चूना पत्थर | गुरुमा-कनाछ-बसहरी (मिर्ज़ापुर), कजराहट (सोनभद्र) |
| बॉक्साइट | बाँदा, वाराणसी, ललितपुर |
| पोटाश लवण | इलाहाबाद, चंदौली, बाँदा, झांसी, सोनभद्र |
| डोलोमाइट | बारी (सोनभद्र), बाँदा, मिर्ज़ापुर |
| कांच की रेत | शंकरगढ़, प्रयागराज, बरगढ़ (बाँदा), अलीगढ़, चित्रकूट |
| अंडालुसाइट | सोनभद्र, मिर्ज़ापुर |
| साबुन बनाने का पत्थर | हमीरपुर, झांसी |
| स्वर्णमाक्षिक | सोनभद्र |
| रॉक फॉस्फेट | ललितपुर |
| गेरू | बाँदा |
| सिलिमनाइट | सोनभद्र |
| चाइना मिट्टी | सोनभद्र, बाँदा |
| कैल्साइट | मिर्ज़ापुर |
| लौह अयस्क | ललितपुर |
| ग्रेनाइट | बाँदा, हमीरपुर, ललितपुर, महोबा |
| डायस्पोर | झांसी, महोबा, ललितपुर, हमीरपुर |
| बलुआ पत्थर | मिर्ज़ापुर |
| जिप्सम | झांसी, हमीरपुर |
| अभ्रक | मिर्ज़ापुर, झांसी |
| संगमरमर | मिर्ज़ापुर, सोनभद्र |
| स्फटिक | झांसी |
उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर
- सड़क मार्ग: 299,604 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क। NH-2 (ग्रांड ट्रंक रोड) सबसे लंबा राजमार्ग। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई के मामले में राज्य का देश में दूसरा स्थान।
- एक्सप्रेसवे: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे (302.222 कि.मी.), यमुना एक्सप्रेस वे (165 कि.मी.), पूर्वांचल एक्सप्रेस वे (340.82 कि.मी.), बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे (296.07 कि.मी.), गंगा एक्सप्रेस वे (594 कि.मी., प्रदेश का सबसे लंबा), गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे (91.352 कि.मी.)।
- यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC): 6 नोड्स - लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट।
- रेलवे: उत्तर प्रदेश में दो रेलवे ज़ोन (उत्तर मध्य रेलवे-प्रयागराज, पूर्वोत्तर रेलवे-गोरखपुर)।
- वायुमार्ग: छह घरेलू हवाई अड्डे (आगरा, इलाहाबाद, बरेली, गोरखपुर, कानपुर, ललितपुर)। तीन परिचालन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर)।
- अंतर्देशीय जलमार्ग: राष्ट्रीय जलमार्ग 1 (NW-1), गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली, पश्चिम बंगाल के हल्दिया को प्रयागराज से जोड़ती है।
9. उत्तर प्रदेश: राजव्यवस्था
- उत्तर प्रदेश भारत के उन छह राज्यों में से एक है जहाँ राज्य विधानमंडल द्विसदनीय है: विधान सभा (403 सदस्य) और विधान परिषद (100 सदस्य)। यह भारत का सबसे बड़ा विधानमंडल है।
- राज्य सरकार का नेतृत्व राज्यपाल करता है, जो राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है।
- प्रशासन की सामान्य संरचना: कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट/पुलिस अधीक्षक (जिला स्तर), तहसील/ब्लॉक/पंचायत समिति (क्षेत्रीय स्तर), ग्राम पंचायत/न्याय पंचायत/पटवारी (जमीनी स्तर)।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल
- अनुच्छेद 153: प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा।
- यूपी की वर्तमान राज्यपाल: आनंदीबेन पटेल।
- स्वतंत्र भारत के संयुक्त प्रांत की प्रथम गवर्नर: सरोजनी नायडू।
- अनुच्छेद 154: राज्य की कार्यकारी शक्ति राज्यपाल में निहित होगी।
- अनुच्छेद 155: राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
- योग्यताएँ: भारत का नागरिक, 35 वर्ष या उससे अधिक आयु, संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं, लाभ का कोई अन्य पद नहीं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
- अनुच्छेद 164: राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करेगा। बहुमत दल का नेता मुख्यमंत्री नियुक्त होता है।
- 19 मार्च 2017 से यूपी के मुख्यमंत्री: योगी आदित्यनाथ।
- आजादी के बाद राज्य के पहले मुख्यमंत्री: गोविंद बल्लभ पंत।
- प्रथम महिला मुख्यमंत्री: सुचेता कृपलानी।
- मुख्यमंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद पर बना रहता है, जब तक उसे विधान सभा में बहुमत प्राप्त है।
उत्तर प्रदेश विधान सभा और विधान परिषद
- विधान सभा: 403 निर्वाचित सदस्य। कार्यकाल पांच वर्ष। पहली विधान सभा का गठन 8 मार्च, 1952 को हुआ था।
- विधान परिषद: स्थायी निकाय, 100 सदस्य। हर दो साल में एक तिहाई सेवानिवृत्त होते हैं। सदस्यों का चुनाव राज्य विधायकों, स्थानीय निकायों, स्नातकों और शिक्षकों द्वारा किया जाता है। शेष सदस्यों को राज्यपाल द्वारा नामित किया जाता है।
उत्तर प्रदेश का उच्च न्यायालय
- अनुच्छेद 214 से 231 उच्च न्यायालयों, उनके संगठन और शक्तियों के बारे में बात करते हैं।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय: 'उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के लिए उच्च न्यायालय' की सीट 1869 में आगरा से इलाहाबाद स्थानांतरित की गई। 11 मार्च 1919 को 'इलाहाबाद उच्च न्यायालय' नाम दिया गया।
- पहले मुख्य न्यायाधीश: सर वाल्टर मॉर्गन।
- न्यायाधीशों की नियुक्ति: राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और राज्य के राज्यपाल से परामर्श के बाद करता है।
- कार्यकाल: 62 वर्ष की आयु तक। दुर्व्यवहार या अक्षमता की स्थिति में हटाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में स्थानीय शासन
- पंचायती राज प्रणाली: स्थानीय स्वशासन की एक विकेन्द्रीकृत प्रणाली, ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाती है।
- शुरुआत: आजादी के बाद पंचायती राज अधिनियम 1947 के पारित होने के साथ 15 अगस्त 1947 को।
- यह 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम 1992 के माध्यम से लागू हुआ।
- त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था: ग्राम स्तर, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर।
- राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश क्षेत्र समिति और जिला परिषद अधिनियम 1961 पारित करके इसकी स्थापना की।
- यह बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिश पर आधारित है।
- 17 नगर निगम और 200 नगर निगम बोर्ड।
- 59163 ग्राम सभाएं और 822 विकास खंड।
10. उत्तर प्रदेश की समसामयिक ख़बरें
- अलीगढ़ नगर निगम ने सर्वसम्मति से अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है।
- आगरा में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा दो दिवसीय बाजरा महोत्सव का आयोजन किया गया।
- G-20 सशक्तिकरण स्थापना बैठक 11-12 फरवरी 2023 को आगरा में आयोजित की गई।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने 2041 तक मथुरा-वृंदावन को "शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन" पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की है।
- यूपी सरकार ने प्रभादेवी (जयप्रकाश नारायण की पत्नी) के नाम पर एक अस्पताल की स्थापना की और बलिया से एक स्वास्थ्य एटीएम लॉन्च किया।
- दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामलों के निस्तारण में यूपी देश में दूसरे स्थान पर है।
- उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (UPNEDA) अयोध्या को राज्य के पहले 'सौर शहर' के रूप में विकसित कर रहा है।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या शोध संस्थान को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा देने का फैसला किया है।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने अमेठी में दक्षिण पश्चिम एशिया के सबसे बड़े पेय संयंत्र का उद्घाटन किया।
- नीति आयोग द्वारा जारी डेल्टा रैंकिंग के अनुसार, सिद्धार्थनगर शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों में से एक है।
- सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन ने 'मैं सक्षम हूँ' अभियान शुरू किया, जिससे माता-पिता की अपने बच्चों की शिक्षा में भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया।
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) को TOFTigers वन्यजीव पर्यटन पुरस्कार मिला।
- जल जीवन मिशन के तहत एक माह में सबसे अधिक नए कनेक्शन देने में शाहजहाँपुर देश में नंबर वन बन गया है।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने गोंडा जिले से 'हर घर नेकी की दीवार' (दया की दीवार) अभियान शुरू किया।
- अदानी समूह ने बहराइच में कृषि और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए 1,800 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव दिया है।
- मुख्यमंत्री ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया।
- रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय विश्वविद्यालय, झांसी बुंदेलखंड के आदिवासी इलाकों में 'पलाश' की खेती को प्रोत्साहित करेगा।
- उत्तर प्रदेश सरकार ललितपुर में दो हजार एकड़ में बल्क ड्रग पार्क (फार्मा पार्क) स्थापित करने जा रही है।
- उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने इटावा में बने प्रदेश के पहले भेड़-बकरी पालन प्रशिक्षण केंद्र का वर्चुअली उद्घाटन किया।
- उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के नौ चयनित ऐतिहासिक स्मारकों को लक्जरी होटलों और अनुकूलित पुनः उपयोग संपत्तियों में बदलने का प्रयास कर रही है।
- 'उत्तर प्रदेश कृषि प्रौद्योगिकी मंथन' 10 अक्टूबर, 2023 को आईआईटी कानपुर में आयोजित किया गया था।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 13-15 फरवरी 2023 तक लखनऊ में पहली डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप (DEWG) बैठक की मेजबानी की।
- लखनऊ के इकाना स्टेडियम ने पांच ICC वनडे विश्व कप 2023 मैचों की मेजबानी की।
- श्री अन्न महोत्सव 27 से 29 अक्टूबर 2023 तक लखनऊ में आयोजित किया गया।
- उत्तर प्रदेश में शहरी विकास विभाग और लखनऊ स्मार्ट सिटी ने लखनऊ में एक स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया है।
- 20वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में आयोजित किया गया।
- जल जीवन मिशन, अगस्त 2023 रैंकिंग में, बुलंदशहर ने अचीवर्स (नए कनेक्शन कवरेज, 50-75%) श्रेणी में रैंक 1 हासिल किया।
- गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर में आगामी क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं।
- 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद से भारत की पहली क्षेत्रीय रेल RAPIDX का उद्घाटन किया।
- 'सवेरा', किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की एक पहल।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने एक सुरक्षित शहर परियोजना शुरू की है।
- कैबिनेट ने मिर्ज़ापुर, सोनभद्र और महाराजगंज में जनजातीय संग्रहालयों को मंजूरी दे दी।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के गांव-अमरोहा जिले के सहसपुर अलीनगर में एक क्रिकेट स्टेडियम बनाने की योजना की घोषणा की।
- संभल, झांसी और हापुड़ में नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत लाभ सुनिश्चित करने में प्रयागराज ने उत्तर प्रदेश के अन्य सभी जिलों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
- राज्य शिक्षा संस्थान (SIE), प्रयागराज ने अपनी तरह का पहला बोलियों का शब्दकोश तैयार किया है।
- हिस्ट्रीशीटरों को सुधारने की उम्मीद में सहारनपुर जिला पुलिस ने हाल ही में एक नई योजना - 'संकल्प' शुरू की है।
- मुजफ्फरनगर में बनेगा यूपी का पहला गौ अभ्यारण्य। इस गौ अभ्यारण्य में बायोगैस प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।
- 24 मार्च 2023 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में वन वर्ल्ड टीबी शिखर सम्मेलन - 2023 का उद्घाटन किया।
- जून 2023 में, पीएम मोदी ने वाराणसी के गांजरी में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी।
- संस्कृति मंत्रियों की बैठक 26 अगस्त 2023 को वाराणसी में हुई।
- G20 सदस्यों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चौथी G20 संस्कृति कार्य समूह (CWG) बैठक 25 अगस्त को वाराणसी में संपन्न हुई।
- G20 भारतीय अध्यक्षता के तहत G20 विकास मंत्रियों की बैठक 11 से 13 जून, 2023 के बीच वाराणसी में आयोजित की गई थी।
- कृषि वैज्ञानिकों की G20 बैठक (MACS) 17-19 अप्रैल 2023 के दौरान वाराणसी में आयोजित की गई।
- जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ZRTI) जिला गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में स्थापित है।
%20(1).png)


Comments
Post a Comment