Complete Indian Geography - Geography Quick Revision Notes

Geography Quick Revision

भूगोल (भारत एवं विश्व) - त्वरित पुनरावृत्ति

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भारत का सामान्य परिचय
  • 7वाँ सबसे बड़ा देश: (रूस, कनाडा, चीन, यूएसए, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया के बाद)
  • कुल जनसंख्या: विश्व की 17.5%
  • कुल स्थल: विश्व का 2.4%
  • जनसंख्या के अनुसार: दूसरा सबसे बड़ा देश
भारत का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार
  • उत्तरी अक्षांश: 8°4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश
  • पूर्वी देशांतर: 68°7' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर
  • उत्तर-दक्षिण विस्तार: 3214 किमी.
  • पूर्व-पश्चिम विस्तार: 2933 किमी.
भारत के दूरस्थ बिंदु
  • उत्तर: इंदिरा कोल (लद्दाख)
  • पश्चिम: गौर माता (गुजरात)
  • पूर्व: किविथु (अरुणाचल प्रदेश)
  • दक्षिण: इंदिरा प्वॉइंट (ग्रेट निकोबार द्वीप)
कर्क रेखा
  • (23°30' उत्तरी अक्षांश रेखा) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है।
  • गुजरती है भारत के 8 राज्यों से: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम।
भारत की अवस्थिति एवं क्षेत्रफल
  • अवस्थिति: एशिया महाद्वीप में
  • उत्तरी गोलार्द्ध में: (अक्षांश के अनुसार)
  • पूर्वी गोलार्द्ध में: (देशांतर के अनुसार)
  • आकृति: चतुष्कोणीय
  • क्षेत्रफल: 3287263 वर्ग किमी.
भारत की सीमा रेखा
  • स्थलीय सीमा रेखा: लगभग 15200 किमी.
  • समुद्री तट रेखा: 7516.6 किमी.
  • गुजरात प्रदेश के स्थानीय समय में अंतर: दो घंटा
  • ग्रीनविच माध्य समय (GMT) से: 5 घंटा 30 मिनट आगे है
  • भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्वी देशान्तर रेखा): उ.प्र., म.प्र., छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं आन्ध्र प्रदेश से गुजरती है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है।
भारत के पड़ोसी देश (स्थलीय सीमा)
  • चीन: 3488.00 किमी. (लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश)
  • पाकिस्तान: 3323.00 किमी. (लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात)
  • बांग्लादेश: 4096.07 किमी. (पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम)
  • नेपाल: 1751.00 किमी. (उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम)
  • म्यांमार: 1643.00 किमी. (अरुणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मणिपुर, मिजोरम)
  • भूटान: 699.00 किमी. (सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश)
  • अफगानिस्तान: 106.00 किमी. (लद्दाख)
सीमा रेखाएं
  • रेडक्लिफ रेखा: भारत एवं पाकिस्तान के बीच
  • मैकमोहन रेखा: भारत एवं चीन के बीच
  • डूरंड रेखा: भारत एवं अफगानिस्तान के बीच

भारत की सबसे लम्बी स्थलीय सीमा बांग्लादेश के साथ तथा सबसे छोटी स्थलीय सीमा अफगानिस्तान के साथ है।

भारत के स्थलीय सीमा से लगे पड़ोसी देशों की संख्या 7 है।

भारत के समुद्री पड़ोसी देश
  • श्रीलंका एवं मालदीव
  • पाक जलसंधि: भारत एवं श्रीलंका के बीच में स्थित, मन्नार की खाड़ी एवं बंगाल के खाड़ी के मध्य स्थित है।
हिमालय पर्वत श्रेणी
  • भारत के उत्तरी सीमा पर स्थित: नवीन वलित पर्वत
  • चौड़ाई: कश्मीर में 400 किमी. एवं अरुणाचल में 150 किमी.
  • लम्बाई: लगभग 2400 किमी. (सिन्धु से ब्रह्मपुत्र तक फैलाव)
  • विश्व की सबसे ऊँची पर्वत श्रेणी
हिमालय का उत्तर-दक्षिण विभाजन
  • 1. ट्रांस हिमालय
  • 2. महान हिमालय (हिमालय/आंतरिक हिमालय/हिमाद्रि)
  • 3. निम्न या हिमाचल हिमालय (लघु/मध्य या हिमाचल हिमालय)
  • 4. बाह्य या शिवालिक हिमालय
ट्रांस हिमालय
  • पर्वत श्रेणियाँ: कराकोरम, लद्दाख, जास्कर, कैलाश
  • विश्व की दूसरी तथा भारत की सबसे ऊँची चोटी: K2 (गाडविन ऑस्टिन) (8611 मीटर)
  • सिन्धु नदी का उद्गम: कैलाश के उत्तरी ढाल से
महान हिमालय (हिमाद्रि)
  • हिमालय की सबसे प्राचीन श्रेणी
  • विस्तार: लम्बाई 2400 किमी., चौड़ाई 25 किमी.
  • औसत ऊँचाई: 6000 मीटर
  • क्रोड ग्रेनाइट से निर्मित
  • प्रमुख चोटियाँ: माउंट ऐवरेस्ट (8848.86 मीटर, नेपाल में स्थित विश्व की सर्वोच्च चोटी), कंचनजंघा (8598 मीटर)
निम्न या हिमाचल हिमालय
  • पहाड़ी नगरों के लिए प्रसिद्ध
  • ऊँचाई: 3700-4500 मीटर
  • औसत चौड़ाई: 50 किमी.
  • प्रमुख पर्वत श्रृंखलायें: पीरपंजाल (सबसे लम्बी श्रृंखला), धौलाधर, महाभारत
  • प्रमुख घाटियाँ: कश्मीर घाटी, कुल्लू घाटी (हिमाचल प्रदेश), कांगड़ा घाटी (हिमाचल प्रदेश)
बाह्य या शिवालिक हिमालय
  • हिमालय की सबसे बाह्य श्रृंखला
  • ऊँचाई: 900-1100 मीटर
  • चौड़ाई: 10-50 किमी.
  • निर्माण: नदियों द्वारा लाए गए अवसादों से
  • प्रसिद्ध दून: देहरादून, कोटलीदून, पाटलीदून
  • दून: लघु हिमालय एवं शिवालिक हिमालय के बीच स्थित लम्बवत घाटी
भारत की प्रमुख घाटियाँ
  • नुब्रा, मर्खा: लद्दाख
  • कुल्लू, कांगड़ा, चम्बा, सांग्ला, लाहौल-स्पीति, पिन वैली: हिमाचल प्रदेश
  • नेलांग, फूलों की घाटी: उत्तराखण्ड
  • यूथांग: सिक्किम
  • नेवरा: पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग)
  • शांत घाटी: केरल
  • जुकू: नागालैण्ड
  • चुम्बी: सिक्किम (भारत, भूटान एवं चीन के मिलन बिन्दु पर)
  • बराक घाटी: असम
  • अराकू: विशाखापत्तनम
भारत के प्रमुख हिमनद
  • हिमाचल प्रदेश: बड़ा शिगरी, छोटा शिगरी, सोनापानी
  • लद्दाख: सियाचीन (भारत का सबसे बड़ा हिमनद)
  • उत्तराखण्ड: गंगोत्री, यमुनोत्री, मिलाम, पिंडारी
  • सिक्किम: जेमू
भारत के प्रमुख दर्रे
  • जम्मू और कश्मीर: पीर पंजाल, बनिहाल, बुर्जिल
  • लद्दाख: कराकोरम, खादुंगला, जोजिला, चांग ला
  • हिमाचल प्रदेश: शिपकीला, बड़ालाचा, रोहतांग, यांगजी दीवान, डेब्सा
  • उत्तराखण्ड: माना, नीति, लिपुलेख, मुलिंग ला
  • सिक्किम: नाथुला, जेलेप ला
  • अरुणाचल प्रदेश: बोमडिला, दिफु, सेला, यांग याप, पांगसाड
  • मणिपुर: तुजु
  • महाराष्ट्र (पश्चिमी घाट में): थाल घाट, भोर घाट
  • केरल (पश्चिमी घाट में): पाल घाट
हिमालय का प्रादेशिक (पश्चिम से पूर्व) विभाजन
  • पंजाब हिमालय: सिन्धु और सतलज नदी के मध्य (500 किमी. लम्बाई)
  • कुमाऊं हिमालय: सतलज और काली नदी के मध्य (320 किमी. लम्बाई)
  • नेपाल हिमालय: काली एवं तीस्ता नदी के मध्य (800 किमी. लम्बाई)
  • असम हिमालय: तीस्ता एवं ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य (720 किमी. लम्बाई)
भारत का उत्तरी मैदान
  • नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेप से निर्मित
  • जलोढ़ निक्षेप की अधिकतम गहराई: 1000-2000 मीटर
  • अत्यधिक उपजाऊ क्षेत्र, सघन जनसंख्या क्षेत्र
  • विस्तार: लगभग 7 लाख वर्ग किमी. क्षेत्र पर
  • लम्बाई: लगभग 3200 किमी.
  • चौड़ाई: लगभग 150-300 किमी.
उत्तरी भारत के मैदान का उत्तर से दक्षिण विभाजन
  • भाभर: 8-10 किमी. चौड़ी पट्टी में, नदियों द्वारा लाए गये गुटिका निक्षेपों से निर्मित, कृषि योग्य नहीं, जंगली एवं वन्य प्राणी क्षेत्र, नदियाँ कभी-कभी इस क्षेत्र में विलुप्त हो जाती हैं।
  • तराई: चौड़ाई 10-20 किमी., नम एवं दलदली क्षेत्र, भाभर क्षेत्र में विलुप्त नदियाँ यहाँ प्रकट होती हैं।
  • बागर (पुराने जलोढ़): बाढ़ वाले मैदान से दूर स्थित, उत्तरी मैदान का विशालतम भाग, मृदा में चूनेदार निक्षेप (कंकड़) होते हैं।
  • खादर (नवीन जलोढ़): बाढ़ वाले मैदान में स्थित, प्रतिवर्ष पुननिर्माण, अत्यधिक उपजाऊ।
प्रायद्वीपीय पठार
  • पुराने क्रिस्टलीय, आग्नेय एवं रूपांतरित शैलों से निर्मित
  • प्राचीनतम एवं स्थिर भू-भाग (गोंडवाना भूमि का भाग)
  • ढलान: पश्चिम से पूर्व की ओर
  • ऊँचाई: 600-900 मीटर
  • पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भाग में काली मिट्टी का विस्तार
  • अनेक पठारों एवं पहाड़ियों से निर्मित
  • त्रिकोणीय आकृति
प्रायद्वीपीय पठार का विभाजन
  • (i) मध्य उच्च भू-भाग (नर्मदा के उत्तर में)
  • (ii) दक्कन का पठार (नर्मदा के दक्षिण में)
  • (iii) उत्तर-पूर्वी पठार
मध्य उच्च भू-भाग
  • नर्मदा नदी के उत्तर में, दक्कन पठार की उत्तरी सीमा
  • अवशिष्ट पर्वतों के उत्कृष्ट उदाहरण
  • ऊँचाई: 700-1000 मीटर
  • ढाल: पश्चिम से पूर्व दिशा में
  • पश्चिम में चौड़ा एवं पूर्व में संकीर्ण
  • अधिकांश विस्तार मालवा पठार क्षेत्र में
  • पूर्वी भाग में बुन्देलखण्ड एवं बघेलखण्ड स्थित है
  • पूर्वी विस्तार राजमहल की पहाड़ियाँ एवं छोटानागपुर पठार तक
  • पश्चिमी सीमा: अरावली पर्वत
  • दक्षिणी सीमा: सतपुड़ा पर्वत
  • उत्तरी विस्तार: विंध्य पर्वत श्रृंखला
छोटानागपुर पठार
  • गोंडवाना चट्टान से निर्मित
  • विस्तार: झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं पश्चिम बंगाल में
  • खनिज समृद्ध क्षेत्र (लोहा, कोयला आदि)
  • दामोदर नदी के उत्तर में हजारीबाग पठार तथा दक्षिण में राँची का पठार
  • अन्य नाम: भारत का रूर, पाट भूमि
दक्कन पठार
  • ग्रेनाइट एवं नीस से निर्मित
  • बेसाल्ट लावा के अपरदन एवं अपक्षय से निर्मित
  • अर्द्ध शुष्क जलवायु
  • पश्चिम में: पश्चिमी घाट
  • पूर्व में: पूर्वी घाट
  • उत्तर में: सतपुड़ा, मैकाल एवं महादेव पहाड़ियाँ
पश्चिमी घाट
  • अन्य नाम: सहयाद्रि
  • दक्कन पठार के पश्चिम में
  • सतत् श्रृंखला
  • पर्वतीय वर्षा
  • औसत ऊँचाई: 1500 मीटर (पूर्वी घाट से अधिक ऊँचा)
  • दक्षिण में अधिक ऊँचा
  • सबसे ऊँची चोटी: अनाईमुडी (2695 मीटर, अनामलाई पहाड़ी में)
  • दूसरी सबसे ऊँची चोटी: डोडाबेटा (2633 मीटर, नीलगिरी पहाड़ी में)
  • अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियों का उद्गम स्थल
  • प्रमुख दर्रे: थाल घाट एवं भोर घाट (महाराष्ट्र), पाल घाट (केरल)
पूर्वी घाट
  • सतत् नहीं है (नदियों द्वारा खंडित)
  • औसत ऊँचाई: 600 मीटर
  • विस्तार: महानदी घाटी से नीलगिरी तक
  • सबसे ऊँचा शिखर: महेंद्रगिरी (1500 मीटर)
  • कोयला, लोहा, चूना पत्थर आदि खनिज पदार्थों का भंडार
सतपुड़ा पर्वत श्रेणी
  • विस्तार: महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश में
  • सर्वोच्च चोटी: धूपगढ़ (मध्य प्रदेश के पंचमढ़ी में)
  • उत्तर में नर्मदा नदी, दक्षिण में ताप्ती नदी
नीलगिरी पहाड़ियाँ
  • पश्चिमी घाट एवं पूर्वी घाट का मिलन बिन्दु
  • सर्वोच्च चोटी: डोडा बेटा (2633 मीटर) (तमिलनाडु में)
  • विस्तार: तमिलनाडु, केरल व कर्नाटक में
उत्तर-पूर्व पठार (मेघालय का पठार)
  • प्रायद्वीपीय पठार का एक विस्तारित भाग
  • पश्चिम बंगाल के माल्दा गैप (राजमहल पहाड़ियों एवं मेघालय पठार के बीच) के कारण अलग हुआ
  • अधिकतर वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से
  • पहाड़ियाँ: गारो, खासी जयंतियाँ (मेघालय में)
  • अति अपरदित क्षेत्र
  • अन्य नाम: कार्बी ऐंगलोंग पठार एवं उत्तर कचार पहाड़ी
अरावली पर्वत श्रेणी
  • भारत की प्राचीनतम पर्वत श्रृंखला एवं विश्व की प्राचीनतम पर्वत श्रृंखलाओं में से एक
  • विस्तार: राजस्थान, गुजरात, हरियाणा एवं दिल्ली में
  • सर्वोच्च चोटी: गुरु शिखर (राजस्थान) (1722 मीटर)
भारतीय मरुस्थल (थार मरुस्थल)
  • मेसोजोइक युग में समुद्र का हिस्सा था
  • अरावली पहाड़ी के उत्तर-पश्चिम में
  • यहाँ रेतीले टीले एवं बरखान पाए जाते हैं
  • वर्षा: 150 मिलीमीटर से कम (शुष्क जलवायु क्षेत्र)
  • बहुत कम वनस्पति, अत्यधिक वाष्पीकरण
  • नदियाँ अल्पकालिक तथा कुछ नदियाँ मरुस्थल में लुप्त हो जाती हैं
  • सबसे बड़ी नदी: लूनी
  • ढाल के आधार पर विभाजन: उत्तरी भाग (सिंध की ओर ढाल), दक्षिणी भाग (कच्छ के रन की ओर ढाल)
पश्चिमी तटीय मैदान
  • विस्तार: गुजरात तट से केरल तट तक
  • संकीर्ण पट्टी
  • यहाँ की नदियाँ डेल्टा का निर्माण नहीं करती (एस्चुअरी का निर्माण करती हैं)
  • पत्तनों एवं बंदरगाहों के विकास के लिए अनुकूल
  • विभाजन: कच्छ और काठियावाड़ तट (गुजरात), कोंकण तट (महाराष्ट्र), गोवा तट, मालाबार तट (केरल)
पूर्वी तटीय मैदान
  • पश्चिमी तट की अपेक्षा अधिक चौड़ा
  • मध्य में संकीर्ण एवं उत्तर व दक्षिण में चौड़ा
  • पत्तनों की संख्या कम
  • यहाँ की नदियों द्वारा विशाल डेल्टा का निर्माण
  • विभाजन: उत्तरी सरकार तट, कोरोमंडल तट
भारतीय तट रेखा
  • तट रेखा की कुल लम्बाई: 7516.6 किमी.
  • मुख्य भूमि की तट रेखा: 5422.6 किमी.
  • द्वीपीय तट रेखा: 2094 किमी.
  • तट से लगे राज्यों की संख्या: 9 (गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल)
  • सर्वाधिक लम्बी तट रेखा: गुजरात
  • सबसे छोटी तट रेखा: पुडुचेरी (राज्यों में गोवा)
  • तट से लगे केन्द्र शासित प्रदेश: दादरा और नागर हवेली तथा दमन एवं दीव, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
लक्षद्वीप समूह
  • अवस्थिति: केरल तट से 280-480 किमी. दूर अरब सागर में
  • पूर्व नाम: लकादीव, मिनिकॉय तथा अमीनीदीव
  • वर्तमान नाम: लक्षद्वीप (1973 से)
  • प्रवाल निक्षेप से निर्मित
  • क्षेत्रफल: 32 वर्ग किमी.
  • द्वीपों की संख्या: 36
  • राजधानी: कवरती
  • सबसे बड़ा द्वीप: एंडरॉट
  • 8° चैनल: मिनिकॉय व मालदीव के मध्य
  • 9° चैनल: मिनिकॉय व लकादीव के मध्य
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
  • द्वीपों की संख्या: लगभग 550
  • अराकानयोमा श्रृंखला का दक्षिणी विस्तार है
  • अंडमान का विभाजन: उत्तरी अंडमान, मध्य अंडमान, दक्षिण अंडमान, लिटिल अंडमान
  • दक्षिण अंडमान एवं लिटिल अंडमान के बीच: डंकन पास
  • 10° चैनल: लिटिल अंडमान एवं कार निकोबार के बीच
  • निकोबार द्वीप समूह का विभाजन: कार निकोबार, ग्रेट निकोबार
  • ज्वालामुखीय द्वीप (बैरन द्वीप - सक्रिय, नारकोंडम द्वीप - शांत)
  • बलुआ पत्थर, चूना पत्थर एवं शैल से निर्मित
  • निकोबार द्वीप समूह की सर्वोच्च चोटी: माउंट थुलियर (642 मीटर)
  • राजधानी: पोर्ट ब्लेयर (दक्षिण अंडमान में)
  • सर्वोच्च चोटी: सैडल पीक (732 मीटर) (उत्तरी अंडमान में)
अपवाह तंत्र
  • अपवाह (Drainage): निश्चित वाहिकाओं (नदी, नाले आदि) के माध्यम से हो रहे जलप्रवाह को अपवाह कहते हैं।
  • अपवाह तंत्र (Drainage System): वाहिकाओं के जाल को अपवाह तंत्र कहा जाता है।
  • भारतीय अपवाह तंत्र: हिमालयी अपवाह तंत्र (सिंधु नदी तंत्र, गंगा नदी तंत्र, ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र) और प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र
सिंधु नदी तंत्र
  • उद्गम: कैलाश पर्वत श्रेणी बोखुर चू के निकट एक हिमनद से
  • कुल लम्बाई: 2880 किमी. (भारत में 1114 किमी.)
  • भारत में हिमालयी नदियों में सबसे पश्चिमी नदी है
  • तिब्बत में इसका नाम: सिंगी खंबान या शेरमुख
  • दायें तट की सहायक नदियाँ: गिलगित, श्योक, काबुल
  • बायें तट की सहायक नदियाँ: पंचनद (सतलुज, व्यास, रावी, चेनाब और झेलम), जास्कर
  • यह कराची के पूर्व में अरब सागर में गिरती है।
झेलम नदी
  • उद्गम स्थल: पीरपंजाल श्रेणी के वेरीनाग झरने से
  • सहायक नदी: किशनगंगा
  • प्रमुख तटीय शहर: श्रीनगर
  • चिनाब नदी से संगम
चेनाब नदी
  • सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी
  • उद्गम: हिमाचल प्रदेश में चंद्रा और भागा के मिलन से
  • अन्य नाम: चंद्रभागा
  • भारत में लम्बाई: 1180 किमी.
रावी नदी
  • उद्गम: रोहतांग दर्रे के पश्चिम से
  • हिमाचल प्रदेश के चंबा घाटी में बहती है
  • चेनाब नदी से संगम
व्यास नदी
  • उद्गम: रोहतांग दर्रे के निकट व्यास कुंड से
  • हरिके के पास सतलुज से संगम
  • कुल्लू घाटी से बहती है
सतलुज नदी
  • उद्गम: मानसरोवर के निकट राक्षस ताल से
  • तिब्बत में नाम: लॉगचेन खंबाब
  • पूर्ववर्ती नदी का उदाहरण
  • शिपकी ला के पास भारत में प्रवेश
गंगा नदी तंत्र
  • पूर्ववर्ती अपवाह का उदाहरण
  • भारत के सबसे बड़े अपवाह तंत्र का निर्माण
  • उद्गम: उत्तराखण्ड में गोमुख के पास गंगोत्री हिमनद से
  • प्रारम्भ में नाम: भागीरथी
  • देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलन के बाद गंगा कहलाती है
  • हरिद्वार में मैदानी भाग में प्रवेश
  • कुल लम्बाई: 2525 मीटर (भारत की सबसे लम्बी नदी)
  • बाँये तट की सहायक नदियाँ: रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी व महानंदा
  • दाँये तट की सहायक नदियाँ: यमुना, सोन
  • बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • अन्य नाम: पदमा, मेघना
यमुना नदी
  • उद्गम स्थल: यमुनोत्री हिमनद (बंदर पूँछ श्रेणी)
  • गंगा की सबसे पश्चिमी एवं सबसे लम्बी सहायक नदी
  • दायें तट की सहायक नदियाँ: चंबल, सिंघ, हिंडन, रिंद, बेतवा, केन, सेंगर, वरुणा
चंबल नदी
  • उद्गम स्थल: जानापाव पहाड़ी (विंध्य श्रेणी)
  • उत्तर प्रदेश के इटावा में यमुना में विलीन
  • खड्ड़ों का निर्माण
गंडक नदी
  • उद्गम स्थल: नेपाल हिमालय
  • पटना के निकट सोनपुर में गंगा में मिलन
घाघरा नदी
  • उद्गम स्थल: मापचाचुंगो हिमनद
  • बिहार के छपरा में गंगा से संगम
  • सहायक नदियाँ: तिला, सेती, बेरी एवं शारदा
कोसी नदी
  • उद्गम स्थल: माउंट एवरेस्ट के उत्तर से
  • बिहार के भागलपुर में गंगा में मिलन
  • बिहार का शोक
  • पूर्ववर्ती नदी का उदाहरण
  • मार्ग बदलने के लिए प्रसिद्ध
सोन नदी
  • उद्गम स्थल: अमरकंटक पठार
  • पटना के पश्चिम में आरा में गंगा से मिलन
  • अमरकंटक पठार के उत्तरी किनारे पर जलप्रपातों का निर्माण
  • गंगा के दायें तट की सहायक नदी
रामगंगा नदी
  • उद्गम स्थल: गढ़वाल की पहाड़ियाँ
  • कन्नौज के निकट गंगा में मिलन
  • उत्तर प्रदेश के नज़ीबाबाद में मैदान में प्रवेश
  • गंगा के बायें तट की सहायक नदी
महानंदा नदी
  • उद्गम स्थल: दार्जिलिंग पहाड़ी
  • पश्चिम बंगाल में गंगा से संगम
दामोदर नदी
  • उद्गम स्थल: छोटानागपुर पठार
  • मुख्य सहायक नदी: बराकर नदी
  • भ्रंश घाटी में बहती है
  • हुगली में मिलन
  • बंगाल का शोक
ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र
  • उद्गम: चेमायुंगडुंग हिमनद (कैलाश पर्वत श्रेणी में मानसरोवर झील के निकट)
  • अपवाह क्षेत्र: अरुणाचल प्रदेश, असम
  • बायें तट की सहायक नदियाँ: दिबांग (सिकांक), लोहित, बूढ़ी दिहांग, धनसिरी
  • दायें तट की सहायक नदियाँ: सुबनसिरी, कामेंग, मानस, संकोश
  • अन्य नाम: तिब्बत में सांग्पो, अरुणाचल प्रदेश में दिहांग (सियांग), असम में ब्रह्मपुत्र, बांग्लादेश में जमुना
  • ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश में प‌द्मा (गंगा) से मिलती है
  • गंगा एवं ब्रह्मपुत्र मिलकर विश्व के सबसे बड़े डेल्टा (सुंदरवन डेल्टा) का निर्माण करती हैं।
सुबनसिरी नदी
  • उद्गम: तिब्बत क्षेत्र से
  • अपवाह क्षेत्र: अरुणाचल प्रदेश, असम
  • पूर्ववर्ती नदी
महानदी
  • उद्गम स्थल: सिहावा पहाड़ी (धमतरी, छत्तीसगढ़)
  • लंबाई: 851 किमी.
  • अपवाह क्षेत्र: छत्तीसगढ़, ओडिशा
  • बाएँ तट की सहायक नदियाँ: शिवनाथ, हसदो, मांड, ईब
  • दाएँ तट की सहायक नदियाँ: जोंक, ओंग, तेल
  • बंगाल की खाड़ी में डेल्टा का निर्माण करती है।
गोदावरी नदी
  • उद्गम स्थल: त्र्यंबकेश्वर (नासिक)
  • लंबाई: 1465 किमी. (प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी)
  • अन्य नाम: वृहद गंगा
  • अपवाह क्षेत्र: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश
  • बाएँ तट की सहायक नदियाँ: पूर्णा, पेनगंगा, वर्धा, वैनगंगा, इंद्रावती
  • दाएँ तट की सहायक नदियाँ: मंजरा, मनेर
  • बंगाल की खाड़ी में डेल्टा का निर्माण करती है।
कृष्णा नदी
  • उद्गम स्थल: पश्चिमी घाट, महाबलेश्वर (महाराष्ट्र)
  • लंबाई: 1401 किमी. (प्रायद्वीपीय भारत की दूसरी सबसे बड़ी नदी)
  • अपवाह क्षेत्र: महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
  • बाएँ तट की सहायक नदियाँ: भीमा, मूसी, मुन्नेरू
  • दाएँ तट की सहायक नदियाँ: कोयना, तुंगभद्रा, घाटप्रभा, मालप्रभा
  • बंगाल की खाड़ी में डेल्टा का निर्माण करती है।
कावेरी नदी
  • उद्गम स्थल: ब्रह्मगिरी पहाड़ी (कर्नाटक)
  • लंबाई: 800 किमी.
  • अपवाह क्षेत्र: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी
  • बाएँ तट की सहायक नदियाँ: हरंगी, हेमावती, शिम्शा, अर्कावती
  • दाएँ तट की सहायक नदियाँ: काबिनी, भवानी, अमरावती
  • बंगाल की खाड़ी में गिरती है, डेल्टा का निर्माण करती है।
नर्मदा नदी
  • उद्गम स्थल: अमरकंटक पठार
  • लंबाई: 1312 किमी. (अरब सागर में गिरने वाली प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी)
  • भ्रंश घाटी में बहती है, ज्वारनदमुख (एस्चुअरी) का निर्माण करती है।
  • तिहाड़वास एवं धुआँधार जलप्रपातों का निर्माण करती है।
  • यह पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में गिरती है।
तापी नदी
  • उद्गम स्थल: सतपुड़ा रेंज के बैतूल जिले में मुल्ताई के पास
  • लंबाई: 724 किमी.
  • अपवाह क्षेत्र: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात
  • पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में ज्वारनदमुख (एस्चुअरी) का निर्माण करती है।
नदियों के किनारे स्थित प्रमुख शहर
  • गंगा: हरिद्वार, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, भागलपुर
  • यमुना: दिल्ली, आगरा, मथुरा, इटावा
  • कृष्णा: विजयवाड़ा
  • मूसी: हैदराबाद
  • गोदावरी: नासिक, राजमुंदरी
  • बेती: बेतुल
  • मांडवी: पणजी
  • साबरमती: अहमदाबाद, गांधीनगर
  • हुगली: कलकत्ता
  • जमुना: जमुनापुर
  • महानदी: कटक
  • पेन्नार: नेल्लौर
  • चंबल: कोटा
  • भुलागुंड: खजुराहो
  • लिम्बा: कन्नौज
भारत के प्रमुख जलप्रपात
  • शिवा समुदरम: कावेरी नदी (कर्नाटक)
  • धुआँधार: नर्मदा नदी (मध्य प्रदेश)
  • सूचिपारा: चाली नदी (केरल)
  • चित्रकूट: इंद्रावती नदी (छत्तीसगढ़)
  • दूधसागर: मांडवी नदी (गोवा और कर्नाटक की सीमा पर)
  • बार्काना: सीता नदी (कर्नाटक)
  • कुंचिकल: वाराही नदी (कर्नाटक)
  • ककोलत: ककोलत नदी (बिहार)
  • तीरथगढ़: कांगेर नदी (छत्तीसगढ़)
  • क्योटी: महाना नदी (मध्य प्रदेश)
भारत की प्रमुख झीलें
  • वेम्बनाद, अष्टमुदी: केरल
  • चिल्का: ओडिशा
  • पुष्कर: राजस्थान
  • डल, वुलर: जम्मू और कश्मीर
  • सांभर: राजस्थान (खारे पानी की झील)
  • लोकतक: मणिपुर
  • कोलेरू: आंध्र प्रदेश
  • पुलीकट: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश
  • पेरियार: केरल
  • ढोका: ओडिशा
  • जैसमंद: राजस्थान
दक्षिणी-पश्चिमी मानसून वर्षा
  • भारत की सर्वाधिक वर्षा (लगभग 80%)
  • प्रवेश: 1 जून को केरल में
  • शाखाएँ: 1. बंगाल की खाड़ी शाखा, 2. अरब सागर शाखा
लौटता हुआ मानसून
  • तमिलनाडु में वर्षा करता है।
  • बंगाल की खाड़ी से जल ग्रहण करता है।
शीतकालीन वर्षा
  • पश्चिमी विक्षोभ (भूमध्य सागरीय) के कारण भारत में होती है।
काल बैसाखी
  • बैसाख महीने में असम और पश्चिम बंगाल में चलने वाली वर्षा
  • असम में इसे 'बारदोली छीड़ा' कहते हैं।
  • चाय, पटसन व चावल के लिए लाभदायक है।
लू
  • शुष्क, गर्म व पीड़ादायक पवन
  • दिल्ली व पटना के बीच तीव्रता अधिक
  • उत्तरी मैदान में पंजाब से बिहार तक चलने वाली पवन
फूलों वाली बौछार
  • केरल व निकटवर्ती कहवा उत्पादन क्षेत्रों में कहवा के फूल खिलने में सहायक
प्राकृतिक वनस्पति - भारत में वनों के प्रकार
  1. उष्णकटिबंधीय सदाबहार एवं अर्द्ध-सदाबहार वन:
    • 200 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र में
    • घनी वनस्पति, वृक्षों की ऊँचाई 60 मी. तक
    • पेड़: रोजवुड, महोगनी, एबोनी, एनी
  2. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (मानसूनी वन):
    • 70 से 200 सेंटीमीटर वर्षा वाले क्षेत्र में
    • पेड़: सागवान, साल, शीशम, महुआ, आँवला आदि
  3. उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन:
    • 50 सेंटीमीटर से कम वर्षा वाले क्षेत्र में
    • पेड़: बबूल, खजूर, बेर, खेजड़ी, नीम, पलाश
  4. पर्वतीय वन:
    • हिमालयी पर्वतों और दक्षिण भारत के पर्वतों पर पाए जाते हैं।
    • पेड़: चीड़, देवदार, ओक, मेपल
  5. वेलान्चली एवं अनूप वन (मैंग्रोव वन):
    • दलदली क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
    • सुंदरबन डेल्टा में प्रमुख हैं।
भारत के प्रमुख जनजातियाँ एवं निवास क्षेत्र
  • भील: राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात
  • गोंड: बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, कर्नाटक
  • संथाल: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा
  • मुंडा: बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा
  • ओरांव: झारखंड, ओडिशा
  • कोल: बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा
कृषि: कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
  • भारत का विभाजन: 20 कृषि पारिस्थितिक क्षेत्रों में
  • विभिन्न कृषि:
    • स्थानांतरण कृषि (झूम कृषि): एक ही भूमि पर एक साथ दो या अधिक फसलें उगाना
    • एकाएक कृषि: भूमि पर जानवरों की घास का उत्पादन
भारत में झूमिंग कृषि के क्षेत्रीय नाम
  • असम: दिपा
  • ओडिशा: पोडू
  • आंध्र प्रदेश: पामादाबि या कोमान या ब्रिंगा
  • पश्चिमी घाट: कुमारी
  • मध्य प्रदेश: दाया या बीवर
  • राजस्थान: वालरे या वालतरे
  • केरल: पेरियार
  • दार्जिलिंग: खिबिका
विश्व में झूमिंग कृषि के क्षेत्रीय नाम
  • मेक्सिको: मिल्पा
  • मलेशिया: लादंग
  • फिलीपींस: कैंके
  • नाइजीरिया: जेनगिंजिया
  • इंडोनेशिया: रींग
खनिज-कुछ प्रमुख तत्व
  • अग्निदूत या पी. भारद्वाज: पृथ्वी की बढ़ती गहराई के साथ खनिज सघन होते हैं।
  • डेक्कन खनिज: कोयला तथा पेट्रोलियम अवसादी शैलों की चट्टानों में पाए जाते हैं।
  • छोटा नागपुर: भारत का रूर प्रदेश कहलाता है।
प्रमुख खनिज संस्थान
  • हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड: उदयपुर
  • राष्ट्रीय धातु मार्ग: नागपुर
  • राष्ट्रीय धातु कर्म प्रयोगशाला: जमशेदपुर (झारखंड)
  • केंद्रीय ईंधन एवं खनन अनुसंधान संस्थान: धनबाद
  • खनन सामान्य निगम लिमिटेड: नागपुर
लौह खनिज
  • लौह अयस्क के कुछ आरक्षित भंडारों का लगभग 95% भाग ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु राज्यों में पाया जाता है।
  • लौह अयस्क के प्रकार:
    • मैग्नेटाइट ($\text{Fe}_3\text{O}_4$): सबसे अच्छा चुंबकीय गुण और बिजली उपकरण उद्योग में उपयोग होता है।
    • हेमेटाइट ($\text{Fe}_2\text{O}_3$): औद्योगिक उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण लौह अयस्क।
    • लिमोनाइट ($\text{Fe}_2\text{O}_3\text{nH}_2\text{O}$): हाइड्रेटेड लौह अयस्क।
    • सिडेराइट ($\text{FeCO}_3$): कम गुणवत्ता वाला लौह अयस्क।
ओडिशा-झारखंड लौह अयस्क पेटी
  • ओडिशा में उच्च गुणवत्ता वाला हेमेटाइट लौह अयस्क मयूरभंज, क्योंझर और सुंदरगढ़ जिलों में पाया जाता है।
  • सिंहभूम जिले में नोआमुंडी और बादामपहाड़ की खदानें।
दुर्ग-बस्तर-चंद्रपुर लौह अयस्क पेटी
  • छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बस्तर जिलों में और महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित।
  • बैलाडीला पहाड़ियों में उच्च गुणवत्ता वाला हेमेटाइट लौह अयस्क पाया जाता है।
बेलारी-चित्रदुर्ग-चिकमगलूर-तुमकुरु पेटी
  • कर्नाटक में स्थित।
  • कुद्रेमुख की खदानों से लौह अयस्क निर्यात किया जाता है।
महाराष्ट्र-गोवा पेटी
  • महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले और गोवा में स्थित।
कोयला
  • (1) एंथ्रेसाइट: (90-95% कार्बन) जम्मू और कश्मीर में पाया जाता है।
  • (2) बिटुमिनस: (55-80% कार्बन) झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में पाया जाता है।
  • (3) लिग्नाइट: (40-55% कार्बन) तमिलनाडु के नेवेली में पाया जाता है।
  • (4) पीट: कम कार्बन वाला कोयला।
प्रमुख कोयला क्षेत्र
  • झारखंड: बोकारो, झरिया, धनबाद, गिरिडीह, रामगढ़, करगाली, चंद्रपुरा, दलटनगंज, लातेहार
  • ओडिशा: तलचेर, संबलपुर, बोध
  • पश्चिम बंगाल: रानीगंज, आसनसोल, दुर्गापुर
  • मध्य प्रदेश: सिंगरौली, सुहागपुर, उमरिया
  • छत्तीसगढ़: कोरबा, विश्रामपुर, चिरमिरी
  • तेलंगाना: गोदावरी घाटी, सिंकेनी
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र
  • मुंबई हाई (अरब सागर), बेसिन, कृष्णा-गोदावरी बेसिन (आंध्र प्रदेश), त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, असम (डिगबोई, नहरकटिया)
  • भारत में कच्चे सूती तेल उत्पादन के चार क्षेत्र हैं।
  • (1) बड़ौदा घाटी (गुजरात)
  • (2) दिगबोई (असम)
  • (3) मुंबई हाई (अरब सागर)
  • (4) कृष्णा-गोदावरी बेसिन (आंध्र प्रदेश)
भारत की प्रमुख रिफाइनरियां
  • डिगबोई (1901) - असम
  • गुवाहाटी (1962) - असम
  • बरौनी (1964) - बिहार
  • कोयली (1965) - गुजरात
  • हल्दिया (1970) - पश्चिम बंगाल
  • मुंबई (1954) - महाराष्ट्र
  • विशाखापत्तनम (1957) - आंध्र प्रदेश
  • नदीपाट (2001) - केरल
  • पानीपत (1980) - हरियाणा
  • पारादीप (2016) - ओडिशा
विश्व का भूगोल - ब्रह्मांड
  • आकाश गंगाओं का अनंत समूह है।
  • निरंतर विस्तृत हो रहा है।
  • बिग बैंग सिद्धांत: ब्रह्मांड की उत्पत्ति का सबसे स्वीकृत सिद्धांत।
  • उत्पत्ति: 13.8 अरब वर्ष पहले।
  • ब्रह्मांड का आकार: लगभग 100 अरब आकाश गंगाओं का।
सौर मंडल
  • सूर्य मंडल के ग्रह: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण।
  • आकार के अनुसार ग्रहों का क्रम (बड़े से छोटे): बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल, बुध।
  • सूर्य का निर्माण: 4.6 अरब वर्ष पूर्व।
पृथ्वी - आंतरिक संरचना
  • क्रस्ट: औसत मोटाई 35 किमी.।
  • मेंटल: लगभग 2900 किमी. गहरा।
  • कोर: आंतरिक कोर ठोस है, बाहरी कोर तरल।
ज्वालामुखी और उनकी अवस्थिति
  • माउंट विसुवियस: इटली
  • माउंट फुजियामा: जापान
  • माउंट एटना: इटली
  • माउंट कीनिया: केन्या
  • माउंट सिनाबुंग: इंडोनेशिया
अवसादी चट्टानों का रूपांतरण
  • चूना पत्थर: संगमरमर
  • बालू पत्थर: क्वार्ट्जाइट
  • शेल: स्लेट
पृथ्वी के वायुमंडल में विभिन्न गैसों की मात्रा
  • नाइट्रोजन ($\text{N}_2$): 78.08%
  • ऑक्सीजन ($\text{O}_2$): 20.95%
  • आर्गन ($\text{Ar}$): 0.93%
  • कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$): 0.03%
विश्व के महाद्वीप
  • क्षेत्रफल के अनुसार क्रम: एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया।
विश्व की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ
  • एंडिज: अकांकागुआ (दक्षिणी अमेरिका)
  • रॉकी: माउंट एल्बर्ट (उत्तरी अमेरिका)
  • हिमालय: माउंट एवरेस्ट (एशिया)
विश्व के प्रमुख मरुस्थल
  • सहारा: अफ्रीका
  • गोबी: चीन, मंगोलिया (एशिया)
  • कालाहारी: अफ्रीका
  • अटाकामा: दक्षिणी अमेरिका
विश्व के प्रमुख बंदरगाह
  • रॉटरडैम: नीदरलैंड
  • पोर्ट नेवाल (पोर्ट अलेक्जेंड्रिया): मिस्र
  • सिंगापुर: सिंगापुर
  • हाइफा: इजरायल
विश्व की प्रमुख झीलें
  • कैस्पियन सागर: एशिया, यूरोप
  • सुपीरियर झील: उत्तरी अमेरिका
  • विक्टोरिया झील: अफ्रीका
विश्व के प्रमुख जलप्रपात
  • एंजेल फॉल्स: वेनेज़ुएला
  • नियाग्रा फॉल्स: कनाडा, यूएसए

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